अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते भीकमपुरा अस्तबल तराई का नाला बारिश में उफना गया। इसका पानी खेतों में भरने से मक्का व भिंडी की फसल डूब गई। मोहल्लेवासियों का कहना था कि तीन दिन जेसीबी से नाले की सफाई तो हुई लेकिन तलीझाड़ नहीं हो सकी। बीते दिन हुई बारिश से नाला उफनाने से पानी खेतों में भर गया।
करीब चार-पांच दिन पहले पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने अपनी देखरेख में भीकमपुरा अस्तबल तराई के नाले की सफाई जेसीबी से शुरू कराई थी। उन्होंने सीएसआई केपी सिंह को आदेश दिए थे कि तलीझाड़ नाले की सफाई कराने के बाद सिल्ट उठा ली जाए। मोहल्ले के रामऔतार, सत्यवीर, पूनम देवी और महावीर आदि ने बताया कि अभी तक सिल्ट नहीं उठाई गई। नगर पालिका ने नाला भी तलीझाड़ साफ नहीं किया। इसके चलते शुक्रवार रात हुई बारिश में नाला उफना गया और नाले का पानी खुशीराम, लंकुश और सुघर सिंह के खेतों में भर गया। सिल्ट भी पानी में बह गई।
खुशीराम ने बताया कि नाले का पानी बहने से मक्का की फसल डूब गई है। लंकुश का कहना है कि नाले का पानी खेत में भरा है। इससे भिंडी की फसल खराब होने का अंदेशा है। मोहल्लेवासियों का कहना था कि चेयरमैन ने नाले की सफाई तो शुरू करा दी, लेकिन कर्मचारियों ने ठीक तरह से काम नहीं किया। बारिश के चलते सिल्ट बहकर नाले में चली गई।
किसान नहीं उठाने देते सिल्ट - केपी सिंह
मुख्य सफाई निरीक्षक केपी सिंह ने बताया कि भीकमपुर अस्तबल तराई नाले की सिल्ट को किसान नहीं उठाने देते हैं। इस वजह से समस्या आ रही है। फिर भी एक-दो दिन में सिल्ट उठवा दी जाएगी। कर्बला से सिल्ट हटवाई जा रही है। शनिवार को फतेहगढ़ में सिविल लाइन मोहल्ले में जिला जज की कोठी के पीछे, आवास विकास में गिहार बस्ती पुलिया से मसेनी की तरफ जेसीबी से नाले की सफाई कराई गई। इसी के साथ पोकलैंड मशीन से तलैया फजल इमाम और मदारवाड़ी में सफाई कराई गई है।