अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। नगर पालिका सदर बोर्ड बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। सभासदों में नोकझोंक हुई। इसी हंगामे के बीच शहर के विकास के लिए 7256.65 लाख रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए गए। इस धनराशि से शहर के मोहल्लों में खुले नाले, नालियों पर जाल डलवाने, उनकी मम्मत करवाने, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने और नगर पालिका की सड़क व गलियों का निर्माण कराया जाएगा।
शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे पालिका कार्यालय के सभागार में चेयरमैन वत्सला अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। बड़े बाबू जितेंद्र मिश्र ने प्रस्ताव पढ़ने शुरू किए। इस दौरान लव कनौजिया, संजीव बाजपेई, श्याम सुंदर लल्ला, असलम शेर खां और विपुल शंकर दुबे आदि सभासदों ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि कुछ माह पहले निर्माण कार्यों के टेंडर डाले गए लेकिन उनको जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने हर माह बोर्ड की बैठक रखे जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे ईओ रश्मी भारती ने स्वीकार कर लिया।
प्रस्ताव संख्या 96, 102, 103, 104, 107, 108 और 109 का भी सभासदों ने विरोध किया। सांसद प्रतिनिधि के रूप में गए दिलीप भारद्वाज ने पटेल पार्क के सुंदरीकरण और एमआईसी कालेज के निर्माण समेत अन्य मुद्दे उठाए तो कई सभासदों ने समर्थन किया।
ईओ ने कहा कि एमआईसी कालेज के निर्माण के लिए पालिका को कोई धनराशि नहीं मिली। बजट मिलने पर पटेल पार्क का सुंदरीकरण होगा।
पदेन सदस्य सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने कहा कि नगर पालिका के विकास में जो भी सहयोग होगा वह करेंगे। विकास कार्यों के लिए सरकार से मदद दिलाएंगे। सभासद के प्रस्ताव के अनुरूप पालिका के पास बजट कम है तो ऐसे सभासद उनसे आकर मिल सकते हैं। वह डूडा के माध्यम से बजट दिलाकर विकास कार्यों में सहयोग करेंगे। उन्होंने चेयरमैन से कहा कि अन्ना पशुओं से हर हाल में निजात दिलवाई जाए और सुपर सेक्शन मशीन से नालों की सफाई हो। चेयरमैन वत्सला अग्रवाल ने कहा कि शासन से बजट न मिलने के चलते विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। दोपहर करीब 3.35 बजे चेयरमैन ने बैठक समाप्ति की घोषणा की। इस अवसर पर सभासद रावेश मिश्र, सीमा, सफदर, संतराम बाथम और धर्मेंद्र कनौजिया आदि सभासद मौजूद रहे।
कर्मचारियों के पटल बदलने का मुद्दा भी उठा
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में एक ही पटल पर कई सालों से जमे नगर पालिका कर्मचारियों का स्थानांतरण न किए जाने का मुद्दा भी उठा। सभासदों ने कहा कि शासन ने 17 मई को आदेश दिए थे कि तीन साल से अधिक समय से एक ही पटल पर कार्य कर रहे समूह ग के कर्मचारियों का पटल परिवर्तन किया जाए, लेकिन अभी तक नहीं हुआ है। इस पर ईओ रश्मी भारती ने बताया कि अधिकतर कर्मचारियों के पटल बदल दिए गए हैं। तीन-चार कर्मचारी और बचे हैं, जिनके पटल परिवर्तन जल्द हो जाएंगे। ब्यूरो
ये होंगे काम
जाल निर्माण में करीब 4.98 लाख, घुमना नलकूप के रिबोर में 4.98 लाख, मरम्मत सामग्री में दस लाख, वाटर कूलर देखरेख में 3.50 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा सड़कों के निर्माण व अन्य विकास कार्यों में 7256 लाख का बजट खर्च होगा।