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अब तक 3823 किसानों को ही मिला रुपे कार्ड

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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। जिले में किसानों को रुपे क्रेडिट कार्ड देने की योजना रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। जिले के 60 हजार किसानों में से लगभग साढे़ तीन हजार किसानों को ही रुपे क्रेडिट कार्ड दिया जा सका है। सरकार ने अभियान चला कर 30 जून तक किसानों को रुपे क्रेडिट कार्ड देने के निर्देश दिए थे।

किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से पैसे निकालने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लंबी कागजी कार्यवाही से भी गुजरना पड़ता है। किसान अपने सर्विस एरिया वाली बैंक की शाखा से केसीसी बनवाकर लोन लेते हैं। किसान केसीसी की पूरी धनराशि एक बार में निकाल लेते हैं। इससे बिना आवश्यकता के भी निकाली गई धनराशि पर ब्याज देना होता है। किसान जरूरत के हिसाब से पैसे निकालता है तो उसे बार-बार कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। रुपे कार्ड बनने के बाद किसान एटीएम से अपनी जरूरत के हिसाब से रुपये निकाल सकेगा। इससे किसान कागजी कार्यवाही से मुक्त हो जाएगा।
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जिले में लगभग 63 हजार 865 केसीसी धारक किसान हैं। इनमें से 3823 किसानों को ही किसान क्रेडिट कार्ड दिया जा सका है। किसानों को क्रेडिट कार्ड देने के लिए 15 जून से अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद लक्ष्य आधा भी नहीं हो पाया है।

चार हजार से ज्यादा किसान कर चुके हैं आवेदन
जिले में 4344 किसान केसीसी के लिए आवेदन कर चुके हैं। इन किसानों को एक जुलाई के बाद क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे। फसल बीमा योजना का लाभ केसीसी धारक किसानों को ही मिलता है। इससे यह योजना सरकार की प्राथमिकता में है।

एटीएम से निकाल सकते हैं रुपये
रुपे क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को रुपये निकालने के लिए बैंक नहीं जाना पड़ेगा। वह एटीएम से ही रुपये निकाल सकते हैं। केसीसी धारक किसानों को रुपये निकालने के लिए बैंक जाकर कागजी प्रक्रिया करनी पड़ती है।
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जिले का किसान जागरूक नहीं है। किसान कार्ड लेने आते ही नहीं हैं। हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को कार्ड देने का प्रयास कर रहे हैं। किसान पाठशाला में भी किसानों को इसकी जानकारी दी जा रही है। - राजेश कुमार, कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर
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