फर्रुखाबाद। विकास भवन सभागार में शनिवार को जिला पंचायत की बैठक में 28.77 करोड़ का बजट पास किया गया। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा 300 प्रस्ताव दिए गए। इस दौरान ढाईघाट मेले की व्यवस्था जिला पंचायत से किए जाने पर भी सहमति बनी।
जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानदेवी अध्यक्षता में बैठक हुई। अपर मुख्य अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह ने बिंदुवार एजेंडा पढ़कर सुनाया। वर्ष 2019-20 के प्रस्तावित 28 करोड़ 77 लाख 63 हजार 982 रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास किया गया। इसके सापेक्ष शासन से 20 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाते हुए 45 फीसदी धनराशि से नए विकास कार्य कराने के साथ पिछले वित्तीय वर्ष की बची पांच करोड़ धनराशि खर्च करने की बात कही गई।
अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि जिला पंचायत के अंतर्गत 1815 करदाता हैं, जबकि वसूली की प्रगति काफी धीमी है। इससे जिला पंचायत की आय घट रही है। इसी बीच शमसाबाद क्षेत्र के गांव तुर्कीपुर की 10 वर्ष से टूटी सड़क का मुद्दा उठा तो अधिकारियों द्वारा सुनवाई न करने का आरोप लगाया गया। इस पर पीडब्ल्यूडी से सड़क बनवाने का प्रस्ताव पास किया गया। जिला पंचायत सदस्यों ने आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण अंचलों में क्लीनिक व हॉस्पिटल चलाने वालों पर कर लगाने की सलाह दी।
वहीं, झोलाछापों द्वारा नर्सिंगहोम चलाने का विरोध करते हुए सीएमओ से कार्रवाई करने को कहा गया। आरोप लगाया कि सीएमओ कार्यालय के लिपिकों के संरक्षण में नर्सिंगहोम चल रहे हैं। एक डॉक्टर का नाम कई नर्सिंगहोम में चल रहा है। वहीं, कायमगंज क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में 10 वर्ष से बिना बिजली हजारों का बिल आने पर एसडीओ को घेराव किया गया। सामूहिक कार्यक्रमों में जिला पंचायत सदस्यों की सहभागिता न किए जाने का मुद्दा उठा।
मनरेगा के अंतर्गत 31 करोड़ 83 लाख 19 हजार का बजट जिला पंचायत की बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया। इस दौरान डीडीओ दुर्गा प्रसाद शुक्ला भी मौजूद रहे। बैठक में सांसद व विधायक नहीं पहुंचे।
जिले का 230.81 करोड़ बजट निर्धारित
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिला योजना संरचना के लिए 230 करोड़ 81 लाख का बजट शासन से निर्धारित किया गया है। यह धनराशि कृषि एवं संवर्ग सेवाएं व सिंचाई, ग्राम्य विकास व पंचायती राज, सड़क व पुल, शिक्षा, चिकित्सा व स्वास्थ्य, पेयजल, समाज कल्याण व कल्याणकारी योजनाएं, पर्यटन, सेवायोजन, खादी, ग्रामोद्योग आदि विभागों के माध्यम से विकास कार्य पर खर्च की जाएगी। जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में 228 करोड़ 92 लाख रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 116 करोड़ 22 लाख रुपये खर्च किए गए, जो निर्धारित के सापेक्ष 50.77 फीसदी है। अवमुक्त धनराशि शत प्रतिशत खर्च की जा चुुकी है।
श्मशान घाट जाने वाली सड़क होगी चौड़ी
पांचालघाट स्थित श्मशानघाट जाने वाली सड़क चौड़ी कराने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके साथ ही जिला पंचायत सदस्य रवेंद्र गंगवार ने अपने पास से पांच लाख रुपये ढाईघाट स्थित श्मशानघाट पर सड़क व अन्य सुविधाओं पर खर्च करने की बात कही।
चल रहे अवैध नर्सिंगहोम
बैठक में राजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव ने कहा कि मसेनी चौराहे के पास कई निजी अस्पताल संचालित हैं। एक डॉक्टर का नाम कई नर्सिंगहोम में चल रहा है। अधिकारी जानते हुए भी अनजान बने हैं। उन्होंने एक नर्सिंगहोम का नाम लेते हुए कहा कि उनके चालक की बहन का प्रसव होना था। अप्रशिक्षित डॉक्टर के आपरेशन करने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में वह हत्या का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
शौचालय निर्माण में गड़बड़ी का उठा मुद्दा
शौचालय निर्माण में 12000 के स्थान पर लाभार्थी को 8000 रुपये दिये जाने का भी मुद्दा उठाया गया। अपात्रों को आवास मिलने की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने के सवाल पर पीडी लालजी यादव ने सफाई दी। कहा कि इस मामले में आठ ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। हालांकि बोर्ड की बैठक एक घंटे में ही निपट गई।