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मानदेय कटौती के संकेत से ढीले पढ़े शिक्षामित्रों के तेवर

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फर्रुखाबाद। मानदेय कटौती के संकेत से करीब एक महीने से आंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों के तेवर ढीले पड़ने लगे हैं। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षामित्रों की उपस्थिति बढ़ने लगी है। शनिवार को करीब 80 फीसदी शिक्षामित्रों ने अपने स्कूलों में न केवल उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि बच्चों को पढ़ाया भी।
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करीब एक महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का शिक्षक पद से समायोजन रद्द कर दिया था। इस पर शिक्षामित्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। इस आंदोलन में जिले के 1693 शिक्षामित्र भी शामिल थे। शिक्षामित्रों के आंदोलन से परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई करीब करीब ठप हो गई थी।

प्रदेश सरकार के आश्वासन पर कुछ दिन के लिए आंदोलन स्थगित हुआ। इसी बीच प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दिया है। समायोजन की जिद पर फिर शिक्षामित्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। इस पर शासन ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए। निदेशालय ने जिलों शिक्षामित्रों की स्कूलों में उपस्थिति का आंकड़ा तलब करना शुरू किया।
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अधिकारियों ने इस बात के भी संकेत दिए कि गैर हाजिर शिक्षामित्रों का मानदेय काटा जाएगा। इससे शिक्षामित्रों के तेवर छीले पड़ गए और पिछले चार दिनों मेें शिक्षामित्रों की उपस्थिति बड़ी तेजी से स्कूलों में बढ़ी। शुक्रवार को 1289 शिक्षामित्र स्कूल पहुंचे और बच्चों को पढ़ाया।

बीएसए अनिल कुमार ने बताया शनिवार को कमालगंज में 165, शमशाबाद 237, मोहम्मदबाद 234, बढ़पुर में 59, नवाबगंज में 187, कायमगंज ब्लॉक में 274, राजेपुर ब्लॉक में 195 और नगर क्षेत्र में सभी पांच शिक्षामित्र स्कूल पहुंच गए। अभी 404 शिक्षामित्र अनुपस्थिति चल रहे हैं।

बीएसए ने बताया कि शिक्षामित्रों की उपस्थिति की रिपोर्ट नियमित निदेशालय भेजी जा रही है। निदेशालय से निर्देश आने पर अनुपस्थित रहे शिक्षामित्रों के मानदेय कटौती पर विचार किया जाएगा।
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-प्राइमरी स्कूलों में बढ़ने लगी शिक्षामित्रों की उपस्थिति, शनिवार को 1693 में 1289 पहुंचे स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
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