फर्रुखाबाद। आलू की नई फसल किसानों के लिए घाटा लेकर आई है। किसानों को एक बीघा में हजार से डेढ़ हजार रुपये तक का नुकसान हो रहा है। मौसम में गर्मी के चलते एक बीघा में दो क्विंटल की ही पैदावार मिल रही है। अनुकूल मौसम में एक बीघा में सात से आठ क्विंटल की पैदावार होती है।
अगैती आलू की फसल ने किसानों को दगा दे दिया है। दीपावली से पहले जिले की पैदावार बाजार में आ गई थी। इसके रेट 3000 रुपये क्विंटल खुले थे। इसके अगले ही दिन दामों में गिरावट आ गई। अब 2500 रुपये क्विंटल की दर से बिक्री हो रही है। इस रेट में किसानों को एक हजार से 1500 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान है।
नवंबर के पहले सप्ताह तक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। इससे उत्पादन प्रभावित हुआ है। किसानों को अगैती आलू की फसल एक बीघा में करीब दो क्विंटल मिल रही है। ताजा रेट के मुताबिक इस फसल की कीमत 5000 रुपये है। किसानों ने एक बीघा में उत्पादन के लिए 6000 से 6500 रुपये तक खर्च किए हैं। इससे इन्हें घाटा उठाना पड़ रहा है।
मोहम्मदाबाद इलाके के किसान दिनेश व जय प्रकाश का कहना है कि अगैती आलू की फसल में कम पैदावार से नुकसान हुआ है। वहीं आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा ने बताया कि मौसम में गर्मी के चलते पैदावार में गिरावट हुई है। नए आलू के रेट अभी 2500 रुपये क्विंटल हैं।