फर्रुखाबाद। भोलेपुर से बीबीगंज तक करीब चार किमी मुख्यमार्ग पर 14 गेस्ट हाउस हैं। किसी भी गेस्ट में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहन सड़कों पर खड़े किए जा रहे। इससे सहालग में कई-कई घंटे जाम लग रहा।
शनिवार रात को बरातियों ने एक एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं दिया। इससे एंबुलेंस में घायल बालिका 30 मिनट तक तड़पती रही।
शनिवार शाम बड़ी सहालग होने की वजह से अधिकांश गेस्ट में बरात चढ़ना शाम सात बजे से ही शुरू हो गया। बढ़पुर से लालगेट तक सभी गेस्ट हाउस में बरातें चढ़ने से जाम लग गया। हालात ऐसे हो गए कि लालगेट से बढ़पुर, आवास विकास तिराहा होकर नेकपुर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
कारें, टेंपो, टैक्सी, बसें, ई-रिक्शा और बाइकें फंस गईं। जाम से बचने के लिए छोटे वाहन गलियों से निकले तो वहां भी जाम लग गया। बढ़पुर में दो गेस्ट हाउसों में बरात के वक्त भी वाहन फंसे रहे।
बरात चढ़ते वक्त जाम लगा रहा। ऐसे में दुर्घटना में घायल शमसाबाद के मोहल्ला चौखंडा निवासी राकेश की पुत्री मोहिनी (12) को सीएचसी से रेफर किया गया। दर्द से तड़पती बालिका को लेकर आई एक एंबुलेंस भी बढ़पुर स्थित बरातघर के सामने जाम में फंस गई। चालक लगातार हूटर बजाता रहा। बरातियों से मरीज होने की बात कहता रहा, मगर किसी ने उसे रास्ते नहीं दिया गया।
करीब आधा घंटे तक फंसे रहने के बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया जा सका। इस दौरान परिजन बेहाल रहे। लोगों का कहना है कि मार्ग पर कई गेस्ट हाउस होने से जाम लगना आए दिन की बात हो गई है।
पुलिस भी गेस्ट हाउस संचालकों पर सख्ती नहीं कर रही है। बरात निकलने से पूरा रास्ता जाम हो जाता है। बराती लोगों को साइड भी नहीं देते हैं। इसी वजह से एंबुलेंस चालक को भी रास्ता नहीं मिल सका। इसी तरह कई वाहन फंसे रहते हैं।
फोटो-23 बढ़पुर में जाम में फंसे वाहन। संवाद