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किसान हुए उग्र तो अधिकारियों ने की वार्ता

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फर्रुखाबाद। कई दिन से मांगों को लेकर किसान यूनियन के लोग कलक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे किसानों के समर्थन में पड़ोसी जनपद से किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। देर शाम किसानों ने तोड़फोड़ व तालाबंदी करने की बात कही। जिस पर अधिकारियों ने उनसे वार्ता की। पहली बार वार्ता विफल रही। देर शाम मंडल अध्यक्ष राकेश यादव के आने पर दोबारा वार्ता हुई। किसान लिखित आश्वासन मिलने की बात पर अड़े रहे और धरना स्थल पर बैठ गए। अधिकारियों ने गुरुवार को लिखित आश्वासन देने की बात कही है।
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पिछले 13 दिन से किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य व मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा के नेतृत्व में किसान 10 सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग हैं ग्रामसभा बहोरा के गांव छिछौनापुर निवासी विमला देवी की छह बीघा जमीन चकबंदी में चली गई है। उन्हें जमीन दिलाई जाए। बहोरा व चौंसपुर समेत कई ग्राम सभाओं की चकबंदी निरस्त की जाए। सुनवाई न होने पर बुधवार को कलक्ट्रेट में मैनपुरी, कन्नौज, एटा, इटावा और औरैया आदि के किसान इकट्ठा हो गए। सभी ने कलक्ट्रेट में बने धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेकिन अधिकारियों ने समस्या नहीं सुनी। इस पर किसान उग्र हो गए। इसके बाद किसानों ने लाउडस्पीकर से कलक्ट्रेट में तोड़फोड़ व कार्यालयों में तालाबंदी करने की बात कही और हंगामा करते हुए धरना स्थल से बाहर की ओर आने लगे। इससे कलक्ट्रेट में अफरा तफरी मच गई।

जानकारी होने पर एडीएम विवेक श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ने किसानों से बात की। लेकिन किसानों ने उनकी बात नहीं मानी। किसान लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। देर शाम किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राकेश यादव भी कलक्ट्रेट पहुंच गए। देर शाम एडीएम ने आश्वासन दिया कि गुरुवार को प्रशासन लिखित में समस्याओं के समाधान के संदर्भ में लिखकर देगा। इसके बाद किसान वहीं धरने पर जाकर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह आश्वासन पत्र लेकर ही जाएंगे।
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