एक साथ निकली बारात में बाराती बैंडबाजों की धुन पर झूम के नाचे। वैदिक
मंत्रोच्चार के बीच 13 जोड़ों ने एक-दूजे के गले में वरमाला डालकर जीवनभर
साथ निभाने का वादा किया। इसके साथ ही अग्नि के सात फेरे लेकर शादी के
पवित्र बंधन में बंध गए। मौका था अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से
आयोजित सामूहिक विवाह समारोह का।
जहानगंज रोड स्थित राजपूताना पब्लिक
स्कूल में बुधवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से सामूहिक विवाह
समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी एनकेएस चौहान और विशिष्ट
अतिथि परौर के राजा अजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत
शुरुआत की। इस मौके पर 13 जोड़ों की बारात एक साथ निकली। कार्यक्रम स्थल पर
अलग-अलग 13 मंडप बनाए गए थे। इस दौरान गायत्री प्रज्ञा पीठ शांतिकुंज
हरिद्वार से आए आचार्य शिवप्रकाश मिश्र व उनकी टीम ने मंत्रोच्चार के बीच
शादियां संपन्न करर्वाइं। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम संयोजक एवं
राजपूताना
ग्रूप के चेयरमैन ठाकुर वीरेंद्र सिंह राठौर की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस
तरह के कार्य सराहनीय हैं। पूर्व सांसद मुन्नूबाबू ने कहा कि कन्यादान से
बड़ा कोई दान नहीं है। विशिष्ट अतिथि राजा अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह
पुनीत कार्य है। इस अवसर पर ठाकुर सत्यबख्श सिंह, महासभा के जिलाध्यक्ष
अनिल प्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह राठौर, प्रदीप राठौर,
महेशपाल सिंह,
प्रधानाचार्य रणवीर सिंह, डा. उदयराज सिंह, सत्यस्वरूप ब्रह्मचारी, भूपराम,
चंद्रप्रकाश, देवेंद्र सिंह, रामबहादुर आदि मौजूद रहे। इससे पहले वरों का
पारिग्रहण संस्कार भी कराया गया। इस दौरान कन्याओं को उपहार भी दिए गए।
यह जोड़े हुए एकदूजे के
शिवम-नीरज,
कुंवरपाल-लाली, माधव-शिल्पी, नन्हें सिंह-कुंती, सोनू-रिंकी,
अतुल-अनुराधा, राहुल सिंह-मोहिनी, मोहित सिंह-अंबिका, सुमित सिंह-प्रीती,
शैलेंद्र सिंह-लक्ष्मी, शैलेश सिंह-रेखा, उमेश सिंह-पूजा और रिंकल
सिंह-कमल।
समाज की तरक्की को सामूहिक विवाह जरूरी: वीरेंद्र
अखिल
भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम
संयोजक ठाकुर वीरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए सामूहिक
विवाह समारोह जरूरी है। महंगाई के दौर में शादी के जश्न में फिजूलखर्ची
करने के बजाय समाज के लोग एकजुट होकर एक मंडप के नीचे विवाह करें। उन्होंने
समारोह में हिस्सा लेने वाले परिवार को बधाई दी।
कहा कि महासभा शादी कराने
के साथ ही वर-वधु के हर सुख-दुख का सहभागी बनेगा। ठाकुर वीरेंद्र सिंह ने
कहा कि उन्होंने समाज के लिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने का व्रत लिया है।
हर साल सामूहिक विवाह में हिस्सा लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। इससे
स्पष्ट है कि क्षत्रिय समाज की सोच में परिवर्तन आया है, लेकिन इस परिवर्तन
को गति देने की जरूरत है। उन्होंने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले
पदाधिकारियों को भी बधाई दी।