127 युवक-युवतियां बनेंगी आत्मनिर्भर
फर्रुखाबाद। शासन के फरमान पर युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। इसमें अनुसूचित जाति के 90 युवक-युवतियों और पिछड़ा वर्ग के 37 लोगों को शामिल किया गया है। चार महीने के प्रशिक्षण के बाद इनके खातों में पांच-पांच हजार रुपये भेजे जाएंगे। यही नहीं टूलकिट भी वितरित करने की योजना है।
अनुसूचित जाति, जनजाति रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 90 लोगों को सिलाई और दुपहिया वाहनों की मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके अलावा 37 पिछड़ा वर्ग के युवाओं के हाथों को भी रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य है। इनमें से 30 फीसदी महिलाएं शामिल होंगी।
चूंकि जिले में अनुसूचित जनजाति नहीं है, सो उद्यमिता विकास केंद्र ने अनुसूचित जाति के आवेदन मांगे। इनमें से 45 युवकों और 45 युवतियों का चयन करके सूची शासन को भेज दी। इसी तरह पिछड़ा वर्ग के 37 युवक-युवतियों का चयन किया गया।
युवकों को दुपहिया वाहन मरम्मत और और युवतियों को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान के कार्यक्रम संयोजक नीरज कुमार ने प्रशिक्षण देने के लिए शहर से आठ किमी दूर याकूतगंज में स्थान का चयन किया। संस्थान इन युवाओं को ट्रेनिंग देकर रोजगार के लिए प्रोत्साहित करेगा।
खातों में जाएंगे पांच हजार रुपये
जो लोग प्रशिक्षण ले रहे हैं, उन्हें तीन हजार रुपये खाना और दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा खर्च के रूप में दिए जाने का शासनादेश है। ये पांच हजार रुपये की धनराशि खातों में भेजी जाएगी।
‘सात नवंबर को चार महीने की ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद युवक-युवतियों को सिलाई और दुपहिया वाहन मरम्मत की टूलकिट बैग में रखकर दी जाएगी।’
-नीरज कुमार, कार्यक्रम संयोजक, उद्यमिता विकास संस्थान
‘प्रशिक्षण पूरा होने के बाद खुद का रोजगार शुरू करने के लिए ऋण के आवेदन मांगे जाएंगे। कोशिश होगी कि इन्हें ऋण मुहैया कराकर हाथ का दस्तकार बना दिया जाए, ताकि यह युवा-युवतियां अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें।’
आकिब अली, सहायक प्रबंधक
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, फर्रुखाबाद