राजपूत रेजीमेंट सेंटर के द्विवार्षिक वायनियल कांफ्रेंस की शुरूआत पासिंग आउट परेड से मंगलवार को हुई। रेजीमेंट में रह चुके अधिकारियों ने एक-दूसरे से हालचाल पूछे।
मंगलवार सुबह रेजीमेंट के करियप्पा मैदान में भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया।
34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 125 जवान राष्ट्र रक्षा की शपथ लेकर सेना के लश्कर में शामिल हुए। मुख्य अतिथि लेफ्टीनेंट जनरल केएच सिंह ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। उन्होंने जवानों के परिजनों व प्रशिक्षकों को बधाई दी। इस दौरान जवानों के परिजनों को गौरव पदक भी दिए गए।
34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद तपकर 125 जवान सेना के अंग बन गए। ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूटों को लेफ्टीनेंट जनरल ने मेडल लगाकर सम्मानित किया। पीटी में सुमित, ड्रिल में दीपक कुमार, फायरिंग में जीतू, टैक्टिस में करन पाल और ओवरआल वेस्ट रिक्रूट गुलशन कुमार को मेडल लगाए गए।
राजपूत रेजीमेंट के विजय चौक पर स्थित क्वार्टर कार्ड परिसर में हाइड्रोलिक मशीन से 65 फीट ऊंचे पोल पर तिरंगा फहराया गया। मुख्य अतिथि लेफ्टीनेंट जनरल केएस सिंह ने मशीन का बटन दबाकर इसका उद्घाटन किया।
अधिकारियों के साथ जवानों ने राष्ट्रगान पर लहराते तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान ब्रिगेडियर टीसी मल्होत्रा, मेजर केके बाजपेई और मेजर अंकुश कश्यप आदि मौजूद रहे।
राजपूत रेजीमेंट सेंटर स्थित मंदिर में स्थापित की गई भगवान बुद्घ की प्रतिमा का पूजन-अर्चन के साथ कर्नल आफ द रेजीमेंट लेफ्टीनेंट जनरल आरजे नरोन्हा एवं शालिनी नरोन्हा ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अनावरण किया।
इस दौरान कमांडडेंट ब्रिगेडियर टेकचंद्र मल्होत्रा, मेजर जनरल सजीव जेटली, माला जेटली, मंजुला मल्होत्रा ने मंदिर में भगवान राम की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद अधिकारियों ने किला स्थित कान्फ्रेंस हाल में ट्रेनिंग व वेलफेयर कार्यक्रमों के विस्तार पर चर्चा की।