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टूर का ख्वाव देखते रहे निशक्त विद्यार्थी, कैंप हो गया बंद

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आवासीय कैंप में पढ़ने वाले निशक्त विद्यार्थियों का टूर पर जाना ख्वाब बन कर रह गया है। सब तैयारियां होने के बाद भी उन्हें टूर पर नहीं भेजा गया। शैक्षिक सत्र समाप्त होने से अब आवासीय कैंप भी बंद हो गया है। निशक्त बच्चों को परीक्षा परिणाम बनाकर उनके माता-पिता को दे दिए गए हैं। अब निशक्तों को टूर पर जाने का कोई मौका नहीं मिलेगा।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत निशक्त बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़ने को हर साल 60 बच्चों का आठ से दस माह के लिए एक आवासीय कैंप लगाया जाता है जो 31 मार्च को बंद हो जाता है।

इसमें पढ़ने वाले निशक्त विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं और उनको लखनऊ व अन्य किसी शहर में घुमाने के लिए ले जाया जाता है। वर्ष 2018 में यह आवासीय कैंप सितंबर में नरेंद्र सरीन विद्यालय में खोला गया था।
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इसमें करीब 52 निशक्तों ने दाखिला लिया था। इन विद्यार्थियों को शैक्षिक सत्र समाप्त होने के एक माह पूर्व टूर पर ले जाना था। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने पूरी तैयारी कर ली। टूर आज-कल में टलता रहा। तब तक होली की छुट्टी हो गई। विद्यार्थी अपने घर चले गए।

वह छुट्टियां खत्म होने के बाद लौट कर आवासीय कैंप में नहीं आए। रविवार को शैक्षिक सत्र समाप्त होने से आवासीय कैंप भी बंद हो गया। निशक्त विद्यार्थियों का टूर पर जाने का ख्वाब एक ख्वाब बन कर रह गया। अब वह टूर पर नहीं भेजे जाएंगे।

डीसी राजेश वर्मा ने बताया कि टूर भेजने की पूरी तैयारी हो गई थी। विद्यार्थियों के अभिभावक बच्चों को टूर पर भेजने को तैयार नहीं हुए। इससे नहीं भेजा गया था। अब कैंप बंद हो गया है।
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टूर का ख्वाब देखते रहे निशक्त विद्यार्थी, कैंप हो गया बंद

पत्रावली तैयार होने के बाद भी नहीं भेजा गया टूर
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