फर्रुखाबाद। हैसियत प्रमाणपत्र बनाने के लिए अब लोगों को भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ही आपका हैसियत प्रमाण पत्र बन जाएगा। इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इससे व्यापारियों व ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन ने एक जनवरी से ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर दी है। साथ ही सरकार के इस कदम से प्रमाणपत्रों को बनाने में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी।
अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व विवेक श्रीवास्तव के मुताबिक एक जनवरी से हैसियत प्रमाणपत्र ऑनलाइन बनना शुरू हो गए हैं। ई-डिस्टिक्ट पोर्टल पर जाकर हैसियत प्रमाणपत्र पर क्लिक करके कोई भी आवेदन कर सकता है। सभी अभिलेख स्कैन कर अपलोड करने होंगे। आवेदन करने से लेकर तहसील से रिपोर्ट लगने तक के लिए 22 दिन का समय रखा गया है। यदि निश्चित समयावधि में रिपोर्ट नहीं लगाई जाती है तो तहसीलदार और एसडीएम से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
व्यापार हो या फिर किसी तरह की ठेकेदारी, सभी में हैसियत प्रमाणपत्र अनिवार्य है। पिछले दिनों शराब की दुकानों के आवंटन के दौरान पूरे प्रदेश में हैसियत प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ था। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री तक की गई थी। इसी को देखते हुए शासन ने इस प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिकृत मूल्यांकनकर्ता से जांच कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
दो साल के लिए जारी किया जाएगा प्रमाणपत्र
हैसियत प्रमाणपत्र महज दो साल तक ही वैध होगा। इसके बाद दोबारा इसका नवीनीकरण कराना होगा। साथ ही हैसियत प्रमाणपत्र में दर्शाई गई धनराशि बैंक में न्यूनतम तीन माह पूर्व जमा की गई हो। गलत सूचना दर्ज करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता से करा सकते हैं जांच
ऑनलाइन आवेदकों को सरकार ने यह भी सुविधा दी है कि यदि वह चाहें तो संपत्तियों के मूल्यांकन की जांच सरकार द्वारा अधिकृत मूल्यांकनकर्ता से करा सकते हैं।