ओबीसी रैपिड सर्वे की ड्यूटी न लेने वाले कमालगंज ब्लाक क्षेत्र के 11
शिक्षक निलंबित कर दिए गए हैं। बढ़पुर ब्लाक के 128 शिक्षकों पर निलंबन की
गाज गिरना तय है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने अन्य विकास खंड
से रैपिड सर्वे ड्यूटी न प्राप्त करने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी है।
ओबीसी रैपिड सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इस ड्यूटी को
कई शिक्षकों ने रिसीव नहीं किया। इनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया।
इसके बाद भी कई शिक्षकों ने ड्यूटी नहीं ली। इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई
शुरू कर दी गई है। कमालगंज ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने
पूर्व माध्यमिक विद्यालय भटपुरा की अध्यापिका कल्पना, निधि, कल्पना गंगवार,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर की शिक्षिका रानी दीक्षित, मोहनपुर
दीनारपुर की शिक्षिका विनय
विसारिया, कन्या प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर
गढ़िया की टीचर आभा, प्राथमिक विद्यालय बलीपुर की टीचर पूजा सिंह, पूर्व
माध्यमिक विद्यालय शेखपुर रुस्तमपुर की टीचर गीता, पूर्व माध्यमिक विद्यालय
बीबीपुर की टीचर अंजुम, प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर की टीचर सुमनलता, पूर्व
माध्यमिक विद्यालय बिढ़ैल की टीचर शशिलता और प्राथमिक विद्यालय पट्टिया
छेदा सिंह की टीचर सुनीता देवी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए बीएसए
को रिपोर्ट भेजी थी। बीएसए ने बीईओ की रिपोर्ट
पर कमालगंज ब्लाक क्षेत्र के
11 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। बढ़पुर विकास खंड के 94 शिक्षक
रैपिड सर्वे ड्यूटी प्राप्त करने नहीं आए। 34 शिक्षक वह हैं जिनकी पंचायत
चुनाव में बीएलओ ड्यूटी लगाई गई। इन्होंने अभी तक बीएलओ संबंधी अभिलेख
प्राप्त नहीं किए। बुधवार को विकास खंड कार्यालय बढ़पुर में बीईओ महेश
चंद्र शर्मा, बीडीओ देवेंद्र सिंह चौहान, एबीआरसी प्रदीप यादव, एडीओ
पंचायत राकेश सक्सेना, ब्लाक समन्वयक साक्षरता पियूष सक्सेना ने शिक्षकों
के स्थान पर
प्रेरक और अनुदेशकों की ड्यूटी रैपिड सर्वे में लगाई। खंड
शिक्षा अधिकारी महेश शर्मा ने बताया कि 94 शिक्षकाें ने रैपिड सर्वे ड्यूटी
और 34 शिक्षकाें ने बीएलओ ड्यूटी नहीं ली । इनके खिलाफ निलंबन की
कार्रवाई करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है।
इसके अलावा 11 प्रेरकों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने को रिपोर्ट भेजी गई
है। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अन्य विकास खंड के बीईओ से ड्यूटी
प्राप्त न करने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी है।
ड्यूटी बांटी, प्रशिक्षण नहीं
रैपिड सर्वे की आनन फानन में ड्यूटी तो विरतण कर दी गई, लेकिन किसी को
सर्वे करने की जानकारी नहीं दी गई। इसका प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया।
प्रशिक्षण के अभाव में सर्वे गलत होने की आशंका बनी हुई है।