करोड़पति प्रत्याशी इस लोकसभा चुनाव में काफी कंजूस हो गए। पंजीकृत दलों में सबसे अमीर प्रत्याशी ने सबसे कम रुपये खर्च किए हैं। पिछले चुनाव की तरह इस बार खर्च करने में सबसे आगे भाजपा प्रत्याशी ही रहे हैं।
फर्रुखाबाद सीट से इस बार नौ प्रत्याशी चुनावी रण में हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा-बसपा गठबंधन, शिवसेना और प्रसपा के अलावा भारती जन चेतना और मजदूर किसान दलित गरीब महिला पार्टी और दो निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।
इनमें सबसे अमीर प्रत्याशियों की बात की जाए तो सबसे आगे सलमान खुर्शीद हैं। नामांकन के समय शपथ पत्र में उन्होंने अपने परिवार की कुल संपत्ति 26.37 करोड़ दर्शाई है। यह सभी प्रत्याशियों से काफी ज्यादा है। लेकिन खर्च के मामले में पंजीकृत दलों में शिवसेना प्रत्याशी को छोड़ दें तो सलमान सबसे फिसड्डी रहे।
सलमान के व्यय के ब्योरे के अनुसार इस लोकसभा चुनाव में 12 लाख 22 हजार 585 रुपये ही अभी तक खर्च किए हैं। यह भाजपा व सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी की तुलना में आधे भी नहीं हैं। दूसरे सबसे अमीर प्रत्याशी सपा-बसपा गठबंधन के मनोज अग्रवाल हैं।
उनके शपथपत्र के अनुसार उनकी कुल संपत्ति भी 22 करोड़ से ज्यादा हैं। चुनाव में खर्च करने के मामले में भी वह दूसरे नंबर पर हैं। उनके व्यय के ब्योरे के अनुसार उन्होंने 35 लाख 70 हजार 619 रुपये खर्च किए हैं। भले ही सभी बड़े दलों के प्रत्याशियों में सबसे कम संपत्ति भाजपा के मुकेश राजपूत की हो, लेकिन वह खर्च करने में सबसे आगे हैं।
मुकेश राजपूत ने इस चुनाव में दाखिल शपथपत्र में अपनी संपत्ति 7.84 करोड़ दर्शाई है। यह अन्य दोनों प्रत्याशियों के मुकाबले काफी कम है, लेकिन जब चुनाव खर्च की बात आई तो उन्होंने अपना पिछले चुनाव का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया।
इस बार उन्होंने 46 लाख 48 हजार 446 लाख रुपये खर्च किए हैं। एक अन्य करोड़पति प्रत्याशी उदयपाल सिंह भी खर्च करने के मामले में चौथे स्थान पर मौजूद हैं। उन्होंने भी 12 लाख 4 हजार 506 रुपये चुनाव में खर्च कर डाले हैं।
2014 के लोकसभा चुनाव में भी खर्च करने के मामले में सबसे आगे भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत ही रहे थे। उन्होंने 40 लाख 27 हजार 631 रुपये खर्च किए थे। दूसरे नंबर पर रहे सपा के रामेश्वर सिंह ने 32 लाख, बसपा के जयवीर सिंह ने 29 लाख और कांग्रेस के सलमान खुर्शीद ने 30 लाख के आसपास रकम चुनाव में उड़ाई थी।
सबसे अमीर प्रत्याशी ने खर्च की सबसे कम रकम
भाजपा प्रत्याशी खर्च में सबसे आगे तो कांग्रेस सबसे पीछे