अमृतपुर। आंधी और बूंदाबांदी में 33 केवी के दो पोल टूटने से 100 गांवों की बिजली 24 घंटे बाद भी चालू नहीं हो सकी है। पोलों को बदलने का काम शुक्रवार को कराया जाएगा।
बुधवार शाम को आंधी और बूंदाबांदी में सात सौ गांवों की बिजली गुल हो गई थी। गुरुवार दोपहर तक छह सौ गांवों की बिजली फाल्टों को ठीक कर चालू कर दी गई।
अमृतपुर विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन के दो पोल टूट गए थे। वे गुरुवार को न बदले जाने के कारण 100 गांवों की बिजली दूसरे दिन भी बंद रही। एसडीओ अनमोल प्रताप सिंह ने बताया कि पोल मिल गए हैं। शुक्रवार को बदलने का काम कराया जाएगा। शाम तक गांवों की बिजली चालू हो जाएगी।
फ्रंट लाइन वर्कर घोषित न करने पर होगा आंदोलन
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने की सरकार से मांग की है। बिजली कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जाए और मृत कर्मियों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा व नौकरी दी जाए।
कोरोना से लगभग 140 बिजली कर्मियों की मौत हो चुकी है। अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि एक सप्ताह में बिजली कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित न करने पर प्रांतीय आह्वान पर आंदोलन किया जाएगा।