फर्रुखाबाद। किशोरी के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी ने मोहित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जनपद शाहजहांपुर थाना कलान क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने थाना मऊदरवाजा में 18 अप्रैल 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि वह परिवार के साथ फर्रुखाबाद में किराये पर रहकर मजदूरी करता है। उसकी 13 वर्षीय पुत्री 13 अप्रैल 2017 को लापता हो गई। जानकारी करने पर पता चला कि उसके साथ मजदूरी करने वाला जनपद शाहजहांपुर के गांव जिरौली निवासी मोहित किशोरी को बहलाकर अपने साथ ले गया। थाने में अपहरण, पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने मोहित को 14 जुलाई को दोषी करार दिया था।