फर्रुखाबाद। पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर राइफलें लूटने के मामले में अदालत ने 10 दोषियों को शुक्रवार को साढ़े तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
जुर्माना अदा न करने पर सभी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामले में 18 लोगों पर मुकदमा हुआ था। सुनवाई के दौरान आठ आरोपियों की मौत हो चुकी है।
कोतवाली मऊदरवाजा क्षेत्र की चौकी सिठऊपुर में तैनात कांस्टेबल हरिकिशोर ने 30 अक्तूबर 1992 को मोहम्मदाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि वह और सिपाही अशोक कुमार चौकी पर थे। तभी गांव के लाला गुप्ता ने बताया कि गांव चकरपट्टी में गांव के झब्बू सिंह की सुरक्षा में लगे सिपाही मुरलीधर, शेषकुमार तिवारी के अलावा झब्बू सिंह के बेटे गुड्डू व राजाराम को भीड़ ने बंधक बना लिया है।
सिपाही हरिकिशोर व अशोक कुमार अपनी सरकारी राइफलें, कारतूस व टार्च लेकर मौके पर पहुंचे और बंधकों को छुड़ाया। वापसी में ग्राम लुखरियाई के पास रात करीब 8 बजे गांव के ओमप्रकाश, सियाराम, सौदान सिंह, तुलाराम, वेदराम, रामचंद्र, रामऔतार, रामनरेश, रामबाबू, रामदीन, बादाम सिंह, रामरतन, रुकमंगल, अमर सिंह, रामवीर, देशराज, बरजोर व हरीशचंद्र सहित गांव के कई लोग अवैध हथियार लेकर आए और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।
आरोपियों ने सिपाही हरिकिशोर, अशोक कुमार व मुरलीधर की राइफलें, कारतूस, टार्च और घड़ी लूट लीं। इसके बाद सिपाही हरिकिशोर व मुरलीधर को पकड़कर ओमप्रकाश की बैठक में बंधक बना लिया। कांस्टेबल शेष कुमार तिवारी व अशोक कुमार भाग निकले, लेकिन पीछा कर रही भीड़ ने बाद में शेष कुमार पीट-पीटकर मार डाला। इसकी रिपोर्ट अलग से लिखाई गई। रात करीब 12 बजे पुलिस बल ने बंधक बनाए गए सिपाही हरिकिशोर व मुरलीधर को मुक्त कराया और घटनास्थल से लूटी गई राइफलें आदि सामान बरामद किया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ओमप्रकाश, सियाराम, सौदान सिंह, तुलाराम, वेदराम, रामचंद्र, रामऔतार व रामनरेश की मृत्यु हो गई।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर रामबाबू, रामदीन, बादाम सिंह, रामरतन, रुकमंगल, अमर सिंह, रामवीर, देशराज, बरजोर व हरीशचंद्र को 21 नवंबर को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया था। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित शैलेंद्र सचान ने सभी दोषियों को तीन वर्ष छह माह की सजा सुनाई।
फोटो-14, अदालत में पेशी पर दोषियों को ले जाते पुलिस कर्मी। संवाद