हवन की चिंगारी से 10 झोपड़ियां राख, सिलिंडर फटा
शमसाबाद। ढाई घाट पर हवन करते समय आग लगने से चार साधुओं की 10 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। आग लगने के दौरान झोपड़ी के अंदर मौजूद एक साधु ने भाग कर जान बचाई। हालांकि इस दौरान वह झुलस गया। साधु को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों व साधुओं ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान एक गैस सिलिंडर फटने से अफरातफरी मच गई।
ढाई घाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए अभी से साधु पहुंचने लगे हैं। वे वहां झोपड़ी डालकर रह रहे हैं। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे साधु राजेंद्र पुरी अपनी झोपड़ी में हवन कर रहे थे। तभी हवन से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। हवा चलने से आग की लपटों ने आसपास की झोपड़ियों को भी चपेट में ले लिया। आग लगते ही साधु भोलानाथ अपनी झोपड़ी से जान बचाने को बाहर भागे, लेकिन तब तक वह झुलस गए।
साधु भोलानाथ की तीन, गणेश पुरी की तीन, राजेंद्र पुरी की तीन और मखसूदनदास की एक झोपड़ी में आग लगने से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। यह देख आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीण व साधु आग बुझाने पर जुट गए। उन्होंने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
तब तक चारों साधुओं की 10 झोपड़ियां पूरी तरह राख हो गईं। हजारों रुपये का सामान जल गया। भोलानाथ की झोपड़ी में रखा बड़ा गैस सिलिंडर भी फट गया। सूचना पर थानाध्यक्ष फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भोलानाथ को सीएचसी में भर्ती कराया। थानाध्यक्ष आरके रावत ने बताया कि हवन की चिंगारी से आग लगी है।