सामान्य बुखार को डेंगू का बुखार समझने में ही स्थिति गड़बड़ाने लगती है। डेंगू की रोकथाम, बचाव एवं नियंत्रण के संबंध पूरी जानकारी दी जाए। ये निर्देश प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने जारी किए हैं।
इस संबंध में जनता को जागरुक कर डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के उपाए किए जाएं। हर जिले में फीवर हेल्प एंड काउंसलिंग डेस्क की तत्काल प्रभाव से स्थापना कराएं, जहां मरीजों को डेंगू व मलेरिया के विषय में बचाव के लिए बताया जाए।
चिकित्सालयों में 10 बेड का आइसोलेरान वार्ड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित कराएं।जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक स्कूलों में जाकर बच्चों को समझाएं कि वह अपने आसपास गंदगी, पुराने बर्तनों में पानी, कूलर, खाली डिब्बों तथा जहां कहीं पानी इकट्ठा होता हो।
कूलर आदि का पानी प्रत्येक दिन बदलते रहें। छात्र-छात्राओं को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने तथा पैरों को ढका रखें ताकि मच्छर उन्हें काट न सकें। नगर पालिकाएं, नगर पंचायतें अपने-अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें और पानी को इकट्ठा न होने दें।
पेयजल टंकियों की नियमित सफाई कराएं। पाइप लाइन बिछाते समय गड्ढों को तुरंत बंद कर दें। चिकित्सालयों में दवा की प्रचुर मात्रा उपलब्ध रखी जाए एवं डेंगू जांच में पुष्टि के लिए रक्त की स्लाइड बनाकर लखनऊ के अस्पतालों में भेजी जाए।