गाजियाबाद के तंबाकू व्यापारी ने कायमगंज में दफ्तर व गोदाम खोलकर गैर प्रांतों से करोड़ों रुपये की तंबाकू की फर्जी खरीद दर्शाकर जीएसटी विभाग को 1.42 करोड़ रुपये चूना लगा दिया।
टीम को ई-वे-बिल डाटा की जांच में पता चला कि व्यापारी द्वारा जिन ट्रकों से बाहर से माल लाना दर्शाया गया उनमें से कई बाइक व बोलेरो के नंबर निकले हैं।
इस मामले में जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर चरन सिंह ने व्यापारी सीमा कुमारी, उनके पति बबली कुमार निवासी शालीमार गार्डन साहिबाबाद, गाजियाबाद, पार्टनर विनोद कुमार जैन निवासी राम ट्रस्ट, गाजियाबाद, लेखाकार अमित कुमार निवासी शंकर विहार, लोनी, गाजियाबाद, कर्मचारी चंद्र रमन पांडेय निवासी कायमगंज के खिलाफ कोतवाली में फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर टैक्स चोरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
कायमगंज-कंपिल रोड पर श्री नाथ ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दफ्तर व गोदाम खोला गया। 23 मई 2019 को जीएसटी विभाग में इस फर्म का रजिस्ट्रेशन दर्शाया गया।
विभाग के पोर्टल पर देखने से जीएसटी के अधिकारियों को पता चला कि यह फर्म बिहार, बंगाल, आंध्र प्रदेश से तंबाकू खरीद कर रही है, जबकि कायमगंज क्षेत्र खुद में तंबाकू की पैदावार के लिए जाना जाता है। इस पर अधिकारियों को इस फर्म पर शक हुआ।
जीएसटी की एसआईबी टीम इटावा ने 24 सितंबर 2020 को कायमगंज कंपिल रोड स्थित गोदाम व दफ्तर पर छापा मारा तो पूरी जांच में मामला समाने आया। असिस्टेंट कमिश्नर गणेश यादव ने बताया कि कागजातों में गड़बड़ी मिलने पर व्यापारी समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
फर्म ने माल की खरीद की न बिक्री
कायमगंज(फर्रुखाबाद)। जांच के दौरान पता चला कि फर्म ने माल की कोई खरीद व बिक्री नहीं की है, सिर्फ ई-वे-बिल व इनवॉइस का फर्जी इस्तेमाल कर टैक्स की चोरी की गई है। लोहे खरीद के ई-वे बिल पर तंबाकू खरीद दर्शाई गई। कायमगंज कंपिल रोड स्थित गोदाम व दफ्तर पर कार्रवाई के दौरान इस फर्म के मालिक नहीं मिले। कर्मचारी चंद्र रमन पांडेय ने टीम को बताया कि यहां अलीगंज, शमसाबाद, कंपिल, रामपुर आदि से तंबाकू खरीदा जाता है। इसके बाद बिल जारी कर माल की बिक्री की जाती है। उस दौरान वहां न तो स्टॉक रजिस्टर मिला और न ही खरीद बिक्री का कोई बिल दिया गया। बताया गया कि सारा लेखा जोखा गाजियाबाद में रहता है। इसके बाद जीएसटी विभाग द्वारा समन जारी कर फर्म के स्वामी को बुलाया गया। इस पर फर्म के लेखाकार अमित कुमार व स्थानीय कर्मचारी चंद्र रमन पांडेय के बताने के अनुसार जांच की गई तो पता चला कि बिहार राज्य की दो फर्मों को जब इस फर्म की जांच होने की जानकारी मिली तो उन्होंने अपना पंजीयन निरस्त करा लिया। जांच में पाया गया कि वर्ष 2019-20 में 50,34301 रुपये एवं वर्ष 20-21 में 14,37711 रुपये की कर चोरी की गई। वर्ष 2019-20 में आउट वर्ड आपूर्ति पर 40,50920 रुपये, वर्ष 20-21 में 36,78392 रुपये की टैक्स चोरी पाई गई। इस तरह विभाग को 1.42 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि हुई है।
गाजियाबाद के लिए...
संशोधित
खबर में रकम संशोधन और आईटीसी के जगह कर चोरी किया गया है।
तंबाकू की फर्जी खरीद दिखाकर 1.42 करोड़ टैक्स की चोरी
बाइक व बोलेरो से ढोई तंबाकू, पांच के खिलाफ रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज(फर्रुखाबाद)। गाजियाबाद के तंबाकू व्यापारी ने कायमगंज में दफ्तर व गोदाम खोलकर गैर प्रांतों से करोड़ों रुपये की तंबाकू की फर्जी खरीद दर्शाकर जीएसटी विभाग को 1.42 करोड़ रुपये चूना लगा दिया। विभाग ने जांच कर इसका भंडाफोड़ किया। साथ ही तंबाकू व्यापारी समेत 5 पर फर्जी दस्तावेज से गैर प्रांतों से माल खरीदने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया है। जांच में पाया गया कि व्यापारी ने गैर प्रांतों से तंबाकू लाने वाले वाहनों के जो नंबर दर्शाए हैं, वह बाइक व बोलेरो के हैं। लोहे खरीद के ई-वे बिल पर तंबाकू खरीद दर्शाई गई।
कायमगंज-कंपिल रोड पर श्री नाथ ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दफ्तर व गोदाम खोला गया। 23 मई 2019 को जीएसटी विभाग में इस फर्म का रजिस्ट्रेशन दर्शाया गया। विभाग के पोर्टल पर देखने से जीएसटी के अधिकारियों को पता चला कि यह फर्म बिहार, बंगाल, आंध्र प्रदेश से तंबाकू खरीद कर रही है, जबकि कायमगंज क्षेत्र खुद में तंबाकू की पैदावार के लिए जाना जाता है। इस पर अधिकारियों को इस फर्म पर शक हुआ। जीएसटी की एसआईबी टीम इटावा ने 24 सितंबर 2020 को कायमगंज कंपिल रोड स्थित गोदाम व दफ्तर पर छापा मारा तो यहां इस फर्म के मालिक नहीं मिले। कर्मचारी चंद्र रमन पांडेय ने टीम को बताया कि यहां अलीगंज, शमसाबाद, कंपिल, रामपुर आदि से तंबाकू खरीदा जाता है। इसके बाद बिल जारी कर माल की बिक्री की जाती है। उस दौरान वहां न तो स्टॉक रजिस्टर मिला और न ही खरीद बिक्री का कोई बिल दिया गया। बताया गया कि सारा लेखा जोखा गाजियाबाद में रहता है। इसके बाद जीएसटी विभाग द्वारा समन जारी कर फर्म के स्वामी को बुलाया गया। इस पर फर्म के लेखाकार अमित कुमार व स्थानीय कर्मचारी चंद्र रमन पांडेय के बताने के अनुसार जांच की गई तो पता चला कि बिहार राज्य की दो फर्मों को जब इस फर्म की जांच होने की जानकारी मिली तो उन्होंने अपना पंजीयन निरस्त करा लिया।
टीम को जांच में मिला कि फर्म ने माल की कोई खरीद व बिक्री नहीं की है, सिर्फ ई-वे-बिल व इनवॉइस का फर्जी इस्तेमाल कर टैक्स की चोरी की गई है। जांच में पाया गया कि वर्ष 2019-20 में 50,34301 रुपये एवं वर्ष 20-21 में 14,37711 रुपये की कर चोरी की गई। वर्ष 2019-20 में आउट वर्ड आपूर्ति पर 40,50920 रुपये, वर्ष 20-21 में 36,78392 रुपये की टैक्स चोरी पाई गई। इस तरह विभाग को 1.42 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि हुई है। टीम को ई-वे-बिल डाटा की जांच में पता चला कि व्यापारी द्वारा जिन ट्रकों से बाहर से माल लाना दर्शाया गया उनमें से कई बाइक व बोलेरो के नंबर निकले हैं। इस मामले में जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर चरन सिंह ने व्यापारी सीमा कुमारी, उनके पति बबली कुमार निवासी शालीमार गार्डन साहिबाबाद, गाजियाबाद, पार्टनर विनोद कुमार जैन निवासी राम ट्रस्ट, गाजियाबाद, लेखाकार अमित कुमार निवासी शंकर विहार, लोनी, गाजियाबाद, कर्मचारी चंद्र रमन पांडेय निवासी कायमगंज के खिलाफ कोतवाली में फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर टैक्स चोरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। असिस्टेंट कमिश्नर गणेश यादव ने बताया कि कागजातों में गड़बड़ी करने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।