अयोध्या। देवी मंदिरों में ‘या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:’ मंत्र के बीच रविवार को माता ‘शैलपुत्री’ की पूजा से शारदीय नवरात्र का आगाज हुआ।
देवी मंदिरों में भोर से ही शंख और घंटे-घड़ियाल के साथ माता के जयकारे गूंजने लगे। घरों में वैदिक अनुष्ठानों के बीच कलश स्थापना हुई और देवी दुर्गा के नौ रूपों में प्रथम शैलपुत्री की पूजा की गई। देर शाम नगर के 24 पूजा पंडालों के कपाट खोल दिए गए मगर बारिश ने उत्सव में खलल डाला।
नवरात्र का पहला दिन देवी-भक्ति के डूबा रहा। प्रसिद्ध बड़ी देवकाली मंदिर, पाटेश्वरी मंदिर, शीतला माता मंदिर, चौक में हट्ठी महारानी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, गुप्तार घाट के मणि माता मंदिर, जालपा देवी मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर, मवई के कामाख्या भवानी मंदिर, मुबारकगंज सिद्धपीठ में माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा शुरू हो गई।
इसके अलावा सरयू स्नान कर हनुमानगढ़ी, कनकभवन, रामलला के दर्शन को भी भक्तों का रेला रहा। रुदौली, मिल्कीपुर, सोहावल, बीकापुर, भदरसा, अयोध्या, चौरे बाजार, गोसाईगंज, हैरिंग्टनगंज, कुमारगंज, अमानीगंज, मया आदि क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भी भीड़ रही। वहीं, लोगों ने प्रथम दिवस घरों में कलश स्थापना कर नवरात्र व्रत का प्रारंभ किया।