अयोध्या। अनुच्छेद 370 डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए ड्राफ्ट का पार्ट नहीं था। पंडित नेहरू व शेख अब्दुल्ला के बीच दोस्ती थी, जिसमें गठबंधन हुआ। दोनों की दोस्ती ने ही देश की अखंडता में आंच लगाने का काम किया। ये बातें रविवार को यहां केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहीं। वे रीडगंज स्थित एक गेस्ट हाउस में राष्ट्रीय एकता अभियान के तहत आयोजित ‘एक राष्ट्र, एक संविधान’ जनजागरण प्रबुद्ध गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नेहरू ने शेख अब्दुल्ला सेे डॉ. आंबेडकर से बात करने के लिए कहा।
मगर डॉ. आंबेडकर ने इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद गोपाल स्वामी अयंगर ने ये ड्राफ्ट प्रस्तुत किया, जिसका मौलाना आजाद ने भी विरोध किया था। जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया तो नेहरू ने कहा कि ये अस्थाई है, जो घिसते-घिसते घिस जायेगा।
परंतु यह मजबूत हुआ और आतंकवाद को जन्म दिया। जम्मू-कश्मीर जाने वाली परमिट के नियम तोड़ने को लेकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया, जिसके बाद अनुच्छेद 370 से कुछ चीजें हटाई गईं।
भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अनुच्छेद 370 को लेकर आंकड़ों के साथ कांग्रेस पर निशाना साधा। सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 खत्म होने से आतंकवाद व अलगाववाद को करारा जवाब मिला है। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि अब कश्मीर में अपेक्षित विकास होगा।
विधायक रामचंदर यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों को इस सरकार ने सार्थक किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, प्रद्युम्न, डॉ. बांके बिहारी मणि त्रिपाठी, डॉ. जरीन नजर, डॉ. सत्येंद्र त्रिपाठी, महंत हरभजन दास आदि मौजूद रहे।