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आठ डॉक्टर व छह स्टाफ नर्स का रोका वेतन

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अयोध्या। जिला महिला अस्पताल में बिना सूचना के काम से विरत रहने पर सीएमएस ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने गुरुवार को सेवाएं प्रदान न करने वाली आठ चिकित्सक व छह स्टाफ नर्सों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी करते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। इससे चिकित्सक व स्टाफ नर्सों में हड़कंप है। वहीं, शनिवार को अस्पताल में सभी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित रहीं।
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गौरतलब है कि जिला महिला चिकित्सालय में गुरुवार को दो स्टाफ नर्स का चिकित्सक से विवाद हो गया था। स्टाफ नर्स ने चिकित्सक पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इसके बाद चिकित्सकों ने गुरुवार को कोई सीजेरियन प्रसव नहीं किया। आकस्मिक सेवाएं भी बाधित रहीं।
शुक्रवार को भी दोपहर बारह बजे तक कोई ऑपरेशन नहीं किया गया बल्कि सीएमएस के कार्यालय में स्टाफ नर्सों व चिकित्सकों में वार्ता होती रही। करीब 36 घंटे तक ओटी संचालित न होने से हाहाकार मच गया। मामले को डीएम नितीश कुमार ने संज्ञान लिया और उनकी नाराजगी पर सीएमओ ने सेवाएं बहाल कराईं।
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शनिवार को सीएमएस डॉ. आरपी वर्मा ने बिना किसी सूचना के सेवाएं बाधित करने को घोर लापरवाही व अनुशासनहीनता करार देते हुए महिला अस्पताल की सभी आठ चिकित्सक व छह स्टाफ नर्सों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही उन्होंने डीएम को भी आख्या भेजी है।
सीएमएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि गुरुवार को चिकित्सकों के कार्य न करने से सेवाएं बाधित हुईं, मरीजों को खामियाजा भुगतना पड़ा। यह सेवा नियमावली के खिलाफ है। इस पर जिलाधिकारी ने भी नाराजगी जताई है। इसलिए सभी आठ चिकित्सक व छह स्टाफ नर्स का एक दिन का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका गया है। सभी को नोटिस तामील कर दी गई है।
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