अयोध्या में नामांकन प्रक्रिया की तैयारियों के बीच कचहरी के निकट निरीक्षण करते डीएम, एसएसपी व अन्य अधिकारीगण।
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लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमाने जा रहे प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया 10 अप्रैल बुधवार से पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी। ये प्रक्रिया 18 अप्रैल तक पूर्वाह्न 11 बजे अपराह्न 3 बजे तक चलेगी। पांचवें चरण के इस चुनाव में मतदान 6 मई को होना है। चुनाव आयोग ने नामांकन को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। ऐसे में यदि कोई प्रत्याशी इसकी अवहेलना करता है या दस्तावेज प्रस्तुत करने में चूक जाता है तो नामांकन पत्र खारिज हो सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि नियमानुसार प्रत्याशी समेत पांच लोग ही नामांकन भरने के लिए तीन गाड़ियों में नामांकन कक्ष से 100 मीटर पहले कलेक्ट्रेट के दक्षिणी मुख्य द्वार तक आ सकेंगे। यहां से उन्हें पैदल ही नामांकन कक्ष तक जाना होगा। नामांकन कक्ष में प्रत्याशी, प्रस्तावक समेत पांच लोग ही प्रवेश कर सकेंगे। अन्य गाड़ियों व समर्थकों को 200 मीटर पहले एसएसपी आवास से पहले लगी बेरीकेडिंग पर रोक दिया जाएगा।
उपजिलानिर्वाचन अधिकारी पीडी गुप्त ने बताया कि नामांकन जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय कक्ष में होगा। नामांकन के दिनों में पूरा कलेक्ट्रेट परिसर सुरक्षा कवच में जकड़ा रहेगा। पुलिस अफसरों के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। नामांकन करने वालों के अलावा इस क्षेत्र में कोई अन्य व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकेगा। नामांकन के दौरान कड़ी सुरक्षा के इंतजाम रहेंगे। नामांकन जुलूस एसएसपी आवास के चौराहें से आगे नहीं जाएगा। नामांकन के लिए पांच लोग ही अंदर प्रवेश करेंगे। समूची कार्रवाई सीसी कैमरों की निगरानी में चलेगी।
इस बार प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के संबंध में भी नियम में बदलाव किया गया है। पूर्व के चुनावों में सिर्फ फॉर्म में ही अपने आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण देना होता था। मगर, इस बार नामांकन के बाद प्रत्याशी अपना आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के लिए तीन बार विज्ञापन छपवाना होगा। ताकि उस क्षेत्र के मतदाता उक्त प्रत्याशी के बारे में जान सकें।
यदि प्रत्याशी किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का है तो उसे इसकी जानकारी अपनी पार्टी को भी देनी होगी। इस बाबत उसे अपने रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) को पार्टी को जानकारी देने के संबंध में भी शपथ पत्र देना होगा। इन बदले हुए नियमों के उल्लंघन पर पर्चा निरस्त भी हो सकता है।