कुलपति प्रो. अख्तर हसीब की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यूपी कैटेट-2015 की काउंसलिंग के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सभी शिक्षकों को सहयोग के लिए आभार जताया।
बैठक में कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर के पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय की पिछले तीन वर्षों से लंबित मान्यता में महत्वपूर्ण गतिरोध शैक्षणिक संवर्ग के पदों की कमी रही, जिस पर शासन ने बीते दिनों इस संवर्ग के 25 नए पदों के सृजन की अनुमति प्रदान कर दी है।
अब इस कमी को जल्द पूरा किया जा सकेगा। अधिष्ठाता पशुपालन डॉ. हरनाम सिंह ने बताया कि महाविद्यालय की मान्यता के लिए आवश्यक 99 प्रतिशत तक सभी कमियों को दूर कर लिया गया है।
मूल्यांकन के लिए आई वीसीआई की टीम भी संतुष्ट होकर गई है। लिहाजा, महाविद्यालय की मान्यता की स्थितियां प्रबल हो गई हैं।
बैठक में कुलसचिव डॉ. पीके सिंह, अधिष्ठाता कृषि डॉ. भगवान सिंह, अधिष्ठाता गृह विज्ञान डॉ. सुमन भनोट, डॉ. एपी तराव, डॉ. एनबी सिंह, डॉ. घनश्याम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार पांडेय आदि सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।