इलाहाबाद के कुंभ मेले में सोडियम लाइट लगाई गई 2750 रुपये में, जबकि उसी दौरान फैजाबाद नगर पालिका ने इसे खरीदा 6622 रुपये की दर से। ऐसे 150 सोडियम लाइटें मलिन बस्तियों में लगाई हैं, वह भी बगैर टेंडर।
ऐसे कई मामलों में नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ लाखों के घोटाले और अनियमित काम करने का मामला डीएम और एडीएम की रिपोर्ट में उजागर हुआ है।
अब नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव ने प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज करने की नोटिस दे डीएम से पालिकाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता का पक्ष मांगा है।
डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि आठ बिंदुओं पर मिली गड़बड़ी के मामले में सोमवार को पालिकाध्यक्ष का बयान दर्ज किया गया है। इसे शासन को भेजा जाना है।
शासन के निर्देश के क्रम में डीएम ने आठ जनवरी 2015 को जांच आख्या शासन को भेजी थी। जांच अधिकारी एडीएम वित्त ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुंभ मेला की दरों का मिलान कर सोडियम लाइटों की खरीद की जानी थी।
जांच रिपोर्ट बताती है कि 3 अप्रैल 2013 में कुंभ मेला में यूपी पावर कॉर्पोरेशन लि. के बिल में एक सोडियम फिटिंग 250 वाट 2750 रुपये में खरीदी गई। जबकि नगर पालिका फैजाबाद में वही सामान 3 अक्तूबर 13 को लगभग ढाई गुनी महंगी 6622 रुपये में खरीदी गई।
मलिन बस्तियों में कुल 150 सोडियम लाइट/स्ट्रीट लाइट का पूरा सेट लगाने में 11 लाख 44 हजार 768 रुपये का भुगतान हुआ है, इस दर से प्रति सोडियम लागत 7 हजार 631 रुपये आई, इसमें बल्ब, चोक व तार की कॉस्ट जुड़ी है, लेकिन यह कुंभ मेला से करीब तीन गुना महंगी पाई गई।
मामले में बगैर टेंडर काम कराने और भुगतान का मामला भी सही पाया गया है। ऐसे ही कुल आठ मामलों में डीएम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर नगर विकास विभाग ने जांच आख्या का परीक्षण किया।
इसके उपरांत नपा चेयरमैन विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान ने 30 मार्च 2015 को प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार क्यों न सीज कर दिया जाए की नोटिस डीएम के माध्यम से भेजी है।