जनपद में टीईटी 2011 भर्ती प्रक्रिया के तहत जनवरी 2015 में कुल 189 अभ्यर्थियों को बतौर प्रशिक्षु शिक्षक तैनाती दी गई थी। नियम के तहत इन टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को छह माह के प्रशिक्षण तथा उसके बाद परीक्षा उत्तीर्ण करने पर स्थायी शिक्षक के रूप में तैनाती देनी थी।
हालांकि जनपद में प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रशिक्षण तथा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद अभी तक नियुक्ति नहीं दी गई। इतना ही नहीं प्रशिक्षु शिक्षकों को अभी तक केवल तीन माह के मानदेय का भुगतान ही किया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा सचिव संजय सिन्हा ने आदेश जारी कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 25 अक्तूबर तक विज्ञप्ति जारी कर प्रशिक्षु शिक्षकों को स्थायी नियुक्ति प्रदान करने को कहा है। इसके बावजूद जिले में अभी तक प्रक्रिया नहीं शुरू की गई।
स्थायी नियुक्ति व बकाया मानदेय की मांग को लेकर जिले के सभी 189 प्रशिक्षु शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। कार्य बहिष्कार कर सभी प्रशिक्षु शिक्षक बीएसए कार्यालय पर एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन किया। प्रशिक्षु शिक्षक जिला प्रतिनिधि दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि विभाग प्रशिक्षु शिक्षकों की समस्याओं के प्रति लापरवाह बना हुआ है।
बेसिक शिक्षा सचिव की ओर से आदेश जारी होने के बावजूद अभी कर बेसिक शिक्षा कार्यालय की ओर से स्थायी नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति का प्रकाशन नहीं कराया गया। छह माह का मानदेय बकाया है। जिसके भुगतान के लिए कोई प्रयास नहीं शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षु शिक्षकों की ओर से ज्ञापन विभाग को देने का प्रयास किया गया, लेकिन बीएसए ने ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया और कहा कि मांगपत्र कार्यालय में रिसीव कराएं। प्रदर्शन करने वालों में प्रशिक्षु शिक्षक सुधा सिंह, कल्पना राय, संध्या सिंह, मंजू यादव, अखिलेश त्रिपाठी, विद्या चतुर्वेदी, इमरान आदि मौजूद रहे।