फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेरेब्रम के असंतुलित विकास से हो रहे मनोविकार

Mon, 19 Oct 2015 11:32 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि युवाओं में इस परिवर्तन का कारण मस्तिष्क में स्थित ‘सेरेब्रम’ व ‘अमिगडाला’ का असंतुलित विकास है। युवाओं के व्यक्तित्व में बदलाव के कारण अभिभावक के साथ ही शिक्षक भी परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन


इसके कारण व्यक्तित्व विकार और नशाखोरी के साथ उद्दंड व्यवहार, स्कूल फोबिया, एग्जाम फोबिया, सेक्सुअल सक्रियता, असुरक्षित यौन संबंध, लाइफ स्किल्स की अज्ञानता, अवसाद, पढ़ाई में मन न लगना, मोबोफोबिया (मोबाइल का दुरुपयोग) सोशल साइट्स का गलत का इस्तेमाल पोर्नोफोबिया आदि की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

राष्ट्रीय किशोर मनोस्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय में स्थापित किशोर मित्र क्लीनिक के परामर्श दाता डॉ. आलोक मनदर्शन का कहना है कि स्क्रीनिंग के समय ये समस्याएं रेखांकित की जा रही हैं।
विज्ञापन


वह इसका कारण किशोरावस्था में मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तन मानते हैं। बताते हैं कि मस्तिष्क में भावनात्मक के केंद्र अमिव्ग डाला और सोचने समझने वाले सेरेब्रम में असंतुलित विकास से ये दिक्कतें आ रही हैं। 12 से 20 साल के बीच यह प्रक्रिया सबसे तेज होती है।

उन्होंने बताया कि अमिग डाला इस उम्र में अति सक्रिय हो जाती है जबकि सेरेब्रम का विकास धीमी गति से होता है। वह कहते हैं कि अमिगडाला-हाईजैक किशोरों को उद्दंड बना देता है। उनका कहना है कि इसको स्कूल व परिवार के वातावरण में अपेक्षित सुधार करके इस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

अब स्कूलों में देंगे स्वास्थ्य संबंधी परामर्श
राष्ट्रीय किशोर मनोस्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब मनोचिकित्सक परामर्शदाता स्कूल कॉलेजों में जाकर किशोरवय छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देंगे।

परामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि यह परामर्श सत्र केवल टींचिग रूप में न होकर रुचिपरक होगा। इसमें ग्रुप डिस्कशन, क्विज, रोल प्ले, केस स्टडी आदि क्रियाओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें