वेलेंटाइन डे का काउंटडाउन शुरू हो गया है, पहला दिन रविवार को रोज डे का रहा। जब बात प्यार की हो तो गुलाब से बढ़कर कुछ भी नहीं। रोज डे आपको मौका देता है अपने प्यार की गहराइयों को मापने का।
लाल-गुलाबी, पीले और सफेद गुलाब के जरिए यहां युवाओं ने अपने-अपने प्रेम-समर्पण और संस्कार की अभिव्यक्ति की। पार्कों-रेस्तरां और ढाबे से लेकर अयोध्या के सरयू घाट व मंदिरों में भी भीड़-भाड़ रही। वहीं, वेलेंटाइन वीक के आगाज के साथ ही फूल विक्रेताओं की भी चांदी हो गई है।
दुकानदारों का कहना है कि लखनऊ से गुलाब के हर रंग के फूल मंगाए गए हैं, मगर डिमांड लाल गुलाब की सबसे अधिक है। वीक को यादगार बनाने के लिए इस समय लव ग्रीटिंग कार्ड, टेडी वियर, फ्रेंडशिप बैंड, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, गुलदस्ते, चाकलेट के खास पैकट आदि की खरीद भी जोरों पर है।
इतना खूबसूरत कि जैसे गुलाब
रोज डे पर सुबह की शुरुआत हमने प्यारा सा मैसेज भेजकर की, जिसमें कहा कि आज रोज डे है सोचा कि एक गुलाब भेजूं, लेकिन कैसे कहूं कि तेरी अहमियत मेरी जिंदगी, तू जैसे मेरा एक जीता सा ख्वाब है, तेरी आवाज-तेरी हर बात और तेरा पहलू क्या कहूं, इतना खूबसूरत कि एक गुलाब है। - अन्नपूर्णा शर्मा, पहाड़गंज, फैजाबाद
फूल खिलते रहें जिंदगी की राह में
वेलेंटाइन डे का हर साल इंतजार रहता है। पार्क में घूमना, रेश्तरां में खाना खाना, मूवी देखना और एक-दूसरे की खुशियों में डूब जाना, अब 14 फरवरी तक यह सिलसिला चलेगा। रोज डे का कुछ यूं इजहार किया कि.. फूल खिलते रहें जिंदगी की राह में, हंसी चमकती रहे आपकी निगाह में। कदम-कदम पर मिले खुशी की बहार आपको, दिल देता है यहीं दुआ बार-बार आपको। -वीरेंद्र शर्मा, पहाड़गंज, फैजाबाद
मेरे लिए खास है वेलेंटाइन वीक
वेलेंटाइन वीक हमेशा से मेरी जिंदगी में खास रहा है। यह प्यार और समर्पण के साथ अपने दोस्त, प्रेमी और माता-पिता के प्रति भी अलग-अलग रंग के गुलाब के साथ रिश्ता दर्शाता है। कॉलेज टाइम से मैं क्रेजी रही हूं। अब शादी के बाद पति के साथ पूरा वीक सेलिब्रेट कर रहे हैं। सुबह की शुरुआत लाल गुलाब एक-दूसरे को देकर हुई। - यद्गशिका मखीजा, रामनगर, फैजाबाह
वेलेंटाइन वीक का हर पल कभी नहीं भूलता, और जैसे ही रोज डे से शुरुआत होती है। हम पति-पत्नी खूब इंज्वॉय करते हैं। मैने सुबह-सुबह अपनी बात कुछ यूं रखी कि ..प्यार, मोहब्बत, इश्क...मैं नहीं जानता, मैं जानता हूं बस एक चेहरा, जो गुलाब से ज्यादा कोमल है और चांद से ज्यादा चमकीला..। - रोहित मखीजा, रामनगर, फैजाबाद