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बेसुध किशोरी का नहीं कराया उपचार

Thu, 10 Dec 2015 10:57 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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पुलिस अधिकारियों व कर्मियों ने गुरुवार को समारोहपूर्वक मानवाधिकारों के संरक्षण तथा महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के हित के काम करने की शपथ तो ली लेकिन चंद घंटे में ही अपना फर्ज भूल गए।
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युवकों के चंगुल से छूटी नशे में धुत किशोरी तो पुलिसकर्मी अस्पताल तो ले गए मगर इलाज कराने के लिए उपनिरीक्षक ने अस्पताल के कागजात पर अपना नाम दर्ज करने से मना कर दिया।

इसी के साथ ही मामले को रफादफा करके किशोरी को उसके रिश्तेदार के हवाले करके उसका मेडिकल परीक्षण कराने से भी पल्ला झाड़ लिया। जबकि किशोरी नशे में बड़बड़ा रही थी कि युवकों ने जबरन शराब पिलाकर उसके साथ बदसलूकी की है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक गुरुवार दोपहर रामघाट क्षेत्र स्थित कांशीराम आवासीय योजना के पास टेंपो सवार चार-पांच युवक नशे में धुत 14 वर्षीय किशोरी को अस्त-व्यस्त हालत में छोड़ गए थे।

किशोरी को नशे में बड़बड़ाते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को खबर दी। इस पर रायगंज चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और किशोरी को श्रीराम अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने चौकी प्रभारी से रजिस्टर पर अपना नाम दर्ज करने को कहा तो वह आनाकानी करने लगे।

इस दौरान किशोरी उल्टियां करने के साथ ही नशे में बड़बड़ा रही थी। इस बीच किशोरी की पहचान करके पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे। वहां पता चला कि किशोरी के परिवारीजन मतदान के लिए अंबेडकरनगर स्थित अपने गांव गए हैं।

इसके बाद पुलिस किशोरी के रिश्ते के भाई को ढूंढ लाई और उसी का नाम दर्ज करा प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद रिश्ते के भाई के साथ किशोरी को घर घर भेजकर मामला रफादफा कर दिया गया।

जबकि किशोरी नशे में बड़बड़ा रही थी कि जबरन शराब पिलाकर उसके साथ बदसलूकी की गई है। वहीं, चौकी प्रभारी रायगंज इरफान अली का कहना है कि परिवारीजन न तो शिकायत दर्ज कराने को तैयार थे और न ही किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने को।

इसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद किशोरी को घर भेज दिया। वहीं श्रीराम चिकित्सालय के डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि मामला किशोरी से जुड़ा था, इसलिए उन्होंने दारोगा से रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को कहा, लेकिन वह इंट्री करने को तैयार नहीं हुए। जिसके चलते उपचार में विलंब हुआ।
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