ग्राम पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में बुधवार को मतदाताओं ने ठंड और कोहरे को मात दे जमकर वोट डाला। छिटपुट घटनाओं के बीच लगभग 69.25 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
मतदान में तारुन के मतदाताओं में कुछ ज्यादा ही उत्साह रहा, यहां 71 फीसदी मतदान हुआ। बीकापुर में मतदान तारुन की अपेक्षा फीका रहा। यहां 67.5 फीसदी वोट डाले गए।
फर्जी मतदान के चक्कर में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। कई स्थानों पर पुलिस ने लोगों को बूथ के आसपास भीड़ को हटाया। डंडे फटकारे।
बूथों पर पुलिस की तैनाती के बीच वोट डालने के लिए मतदाताओं की लंबी कतार रही। डीएम अनिल ढींगरा, एसएसपी मोहित गुप्ता ने मतदान क्षेत्र का दौरा किया। बताया कि मतदान औसतन शांतिपूर्ण रहा।
बीकापुर और तारुन में प्रधानी के 172 पदों पर 1550 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों के साथ ही ग्राम पंचायत सदस्य के 2118 पद पर नामांकन करने वाले प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला भी हो गया।
अंतिम चरण में भी तीसरे चरण की ही तरह 69.25 फीसदी मतदान हुआ। बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक, बुधवार सुबह घने कोहरे के बीच 7 बजे से शुरू हुए मतदान की गति दोपहर तक धीमी बनी रही।
सूरज की गर्मी के साथ ही मतदाताओं के भीतर गर्मी का संचार हुआ तो तीन बजे तक मतदाताओं ने फर्स्ट क्लास का मतदान कर दिया। मतदान के दौरान छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो कोई बढ़ी घटना नहीं हुई।
बीकापुर के भवनाथपुर गांव में फर्जी मतदान को लेकर हल्की नोकझोंक और हैदरगंज के बैसुपाली मतदान केंद्र पर जगमाता के नाम पर फर्जी मतदान करने गई लालमती को शिकायत के बाद सुरक्षाकर्मियों ने बैठा लिया।
इसके अलावा तारुन के सोनौरागाउपुर में भी बोगस वोटिंग की शिकायत रही। कई बूथों पर ऐसे मतदाताओं का नाम सूची से गायब रहा जो बीते चुनाव में मतदान किए थे।
मलेथू कनक बूथ पर दिल्ली से रात में मतदान करने के लिए आए पावर कॉर्पोरेशन में कार्यरत मनोकालिका पांडेय का नाम ही वोटर लिस्ट से गायब रहा। अधिकारियों से अपनी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन उनका मतदान नहीं हो सका।
क्षेत्र के सुल्हेपुर बूथ पर रोशनी कम होने से लोगों को परेशानी हुई तो ग्रामीणों ने स्वयं रोशनी का प्रबंध किया। जलालपुर माफी, चांदपुर, खेवली, मलेथु कनक, पातुपुर, सोनखरी, धेनुवावा, चंवरढार, खजुरहट, मजरुद्दीनपुर, कटारी, उमरनी पिपरी, तोरोमाफी सतना, हरिनाथपुर सहित तमाम बूथों पर सुबह से ही धीमी गति से मतदान हुआ।
कई बूथों पर बिजली कनेक्शन न होने से लैंप की रोशनी में वोट पड़े। एसडीएम धर्मपाल सिंह ने बताया की तारुन और बीकापुर में तीन-तीन मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील थे जहां पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कड़े थे।
तारुन प्रतिनिधि के मुताबिक, अंतिम चरण के चुनाव में मतदान केंद्रों पर शुरूआत में घने कोहरे का असर रहा। सुबह सात बजे से शुरू होने वाला मतदान निर्धारित समय से बाद में शुरू हो सका।
11 बजे तक मतदान केन्द्रों पर सन्नाटा पसरा रहा इक्का-दुक्का मतदाता ही आए। इसके बाद से मतदाताओं की संख्या केंद्रों पर बढ़ी।
मतदान के दिन भी प्रधान पद के प्रत्याशियों ने जगह×जगह कैंप लगाकर व गांव में भ्रमण कर अपने पक्ष में मतदाताओं से वोट देने की अपील की। दिन भर धूप न निकलने से बुजुर्गों व निशक्तों को मतदान केंद्र तक आने में परेशानी हुई।