लखनऊ जेल से परचा भरने पहुंचा था
अमर उजाला ब्यूरो
तारुन (फैजाबाद)।
सूचना पर पुलिस ने उसके खिलाफ हैदरगंज थाने में आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रमोद के साथ सुरक्षा में तैनात एक दारोगा व चार सिपाहियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए एसएसपी लखनऊ को पत्र लिखा गया है। पुलिसकर्मियों पर आचार संहिता उल्लंघन करने में सहयोग का आरोप है।
पुलिस ने प्रमोद को निजी मुचलके पर थाने से छोड़ दिया है। उसे सुरक्षा का हवाला देेकर वाया ट्रेन लखनऊ भिजवाया गया।
पुलिस अभिरक्षा में यहां आए प्रमोद सिंह ने हैदरगंज, इमिलिया व कोरोराघवपुर से बीडीसी के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।
कोर्ट के आदेश पर प्रमोद को नामांकन करना था। सीओ एमपी चौहान ने बताया कि प्रमोद दो लग्जरी गाड़ियों से लखनऊ के दारोगा चंद्रप्रकाश शुक्ल, आरक्षी मुनीत तिवारी, रुद्रप्रताप, अशोक तिवारी, आशुतोष के साथ फैजाबाद आया। यहां से वह सीधे तारुन न आकर पूराबाजार, मया, भीटी, हैदरगंज होकर सैकड़ों गाड़ियों व समर्थकों के साथ मैहरकबीरपुर व हैदरगंज में जुलूस निकाल रहा था।
उसके काफिले में लगभग 200 वाहन थे। यह काफिला जैसे ही तारुन की ओर बढ़ा सीओ के साथ हैदरगंज व तारुन पुलिस ने उनका काफिला रोक लिया। पुलिस प्रमोद को अपने साथ हैदरगंज थाने ले गई।
प्रभारी निरीक्षक कमलापति ओझा ने आचार संहिता उल्लंघन करने के आरोप में प्रमोद के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। हैदरगंज थाने में प्रमोद के सैकड़ों समर्थकों व पुलिस के बीच घंटों नोक-झोंक हुई। इसके बाद सीओ ने प्रमोद से निजी मुचलका भरवाकर नामांकन के लिए जाने की अनुमति दी।
प्रमोद ने अपराह्न साढ़े तीन बजे नामांकन किया। समर्थकों को तारुन चौराहे के बैरियर पर ही रोक दिया गया। उनके साथ आई दो लग्जरी वाहनों को पुलिस ने सीज कर दिया।