कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा आचार्य नरेंद्रदेव की कोठी में बगैर नक्शा स्वीकृत कराए होटल निर्माण कराने पर तत्परता से रोक लगाई जाए, जिससे उसकी ऐतिहासिकता सुरक्षित रहे। कोठी को स्मारक बनाकर प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित करने की मांग सीएम से की गई है।
ज्ञापन में सपा के उन पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है जो होटल निर्माण के दौरान वहां बैठकर भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी तथा पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इनकी मौन स्वीकृति के कारण कई माह से आचार्य नरेंद्रदेव की निशानी मिटाई जा रही है।
वहां होटल बनाने के लिए नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया है, इसके बाद भी निर्माण किया जा रहा है। पुरातत्व विभाग को छह माह पहले तहरीर देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण स्थानीय पुलिस को भी सवालों के कटघरे में खड़ा किया गया है।
लोकतंत्र सेनानियों ने सीएम से सपा के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, कोठी को स्मारक बनाकर प्रेरणास्थल के रूप में विकसित करने और विकास प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी को दंडित करने की मांग की है। ज्ञापन देते समय परिषद के जिलाध्यक्ष माताप्रसाद तिवारी, प्रवक्ता रमेश शर्मा, वीरेंद्र पांडेय, सत्येंद्र श्रीवास्तव और मोहन सिंह मौजूद रहे।
कोठी में हुए अवैध निर्माण को शीघ्र सील कराने का दावा करने वाले अयोध्या फैजाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार से अमर उजाला ने इस बाबत फोन पर बातचीत की तो वह बोले, अरे भाई क्या बताऊं, अभी तो डॉक्टर के यहां हूं। दोबारा सवाल करने पर भी वो इस मुद्दे पर जवाब देने से कतराते रहे।