यह आदेश सीजेएम देवकांत शुक्ल की अदालत से गुरुवार को हुआ। शहर के मोदहा निवासी मोहम्मद अली उर्फ अलीबाबा ने अदालत में दाखिल किए गए परिवाद में कहा था कि उसने सीएम, विधायक तेज नारायण पांडेय व पूर्व डीएम अजय कुमार शुक्ल के खिलाफ एडीजे दयाराम की अदालत में निगरानी विचाराधीन थी।
इसमें कोर्ट ने सीएम के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट किया था। इस वारंट को बगैर उसे सूचना दिए और बगैर सीएम के कोर्ट में उपस्थित हुए ही अदालत ने रिकॉल कर लिया था। मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 व 202 के बयान के बाद अदालत ने परिवाद खारिज कर दिया।