ग्राम पंचायत से स्वास्थ्य विभाग को साढ़े चार एकड़ जमीन हस्तांतरित हो गई है। विभागीय अधिकारियों ने अस्पताल खोले जाने का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर शासन में प्रस्ताव भेज दिया है।
ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किया जाना है। 30 बेड के इस अस्पताल में एक फीजिशियन, सर्जन, स्त्रीरोग विशेष, डेंटल सर्जन, बेहोशी चिकित्सक की तैनाती की जानी है।
साढ़े चार करोड़ की लागत से बनने वाले इस चिकित्सालय में एक्स-रे की सुविधा भी होगी। यह सभी सुविधा उपलब्ध हो जाने के बाद दूर दराज के गांव के लोगों को जिला मुख्यालय तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
अभी तक हैदरगंज क्षेत्र के मरीजों को तारुन सीएचसी और व विशेष परिस्थितियों में जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। अब हैदरगंज में सीएचसी स्थापित होने पर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा हो पाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राधेश्याम ने कहा कि हैदरगंज में सीएचसी के लिए जमीन मिल गई है। साढ़े चार करोड़ की लागत से बनने वाले इस चिकित्सालय के लिए प्रस्ताव बना कर शासन में भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही अस्पताल का निर्माण शुरू हो जाएगा।