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आंसू, आक्रोश और सन्नाटा, पुलिस पर सवाल

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अयोध्या। मासूम के साथ जहां हैवानियत हुई है वह स्थान धर्मनगरी अयोध्या के मुख्य भाग का एक इलाका है। इस गली में दिन भर सड़कों पर बच्चे खेलते नजर आते थे। गर्मी हो या सर्दी, यहां तिराहे पर युवा व बुजुर्गों की टोलियां ताश खेलती थी।
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आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। करीब सौ मीटर की इस गली में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नजर आते हैं। लोगों में वारदात को लेकर आक्रोश है। पुलिस के सायरन की आवाज सुन लोग धूप में ही छतों पर खड़े होकर देखते हैं कि कौन आया है।
अमर उजाला की टीम मंगलवार सुबह जब वहां पहुंची तो सड़क पर कर्फ्यू जैसा माहौल मिला। पीड़िता के घर के सामने व घटनास्थल के पास दर्जन भर पुलिसकर्मी तैनात थे। पीड़िता के घर के पुरुष सदस्य मासूम के साथ लखनऊ गए हुए हैं।
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करीब छह से सात माह के दुधमुंहे बच्चे को गोदी में लेकर निकली मां मीडिया को देखकर रोने लगी, कहा कि हमें इंसाफ चाहिए, आरोपी को फांसी की सजा मिले।
बिलखते हुए कहा कि अगर पुलिस न्याय नहीं दिला सकती है तो आरोपी को उनके हवाले किया जाए, वह अपनी बच्ची के साथ किए कृत्य का बदला उनसे लेगी।
उसने आरोप लगाया कि घटना में टेंट हाउस के मालिक व उसके पिता का भी हाथ है। पुलिस ने पहले उन्हें गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। पीड़िता की मां का क्रंदन सुनकर आसपास की घरों की कुछ अन्य महिलाएं भी निकल आईं।
एक महिला ने कहा कि इस गली में दिन भर बच्चे खलते थे। आज डर के मारे घर से नहीं निकल रहे। एक अन्य महिला ने कहा कि अब किसके भरोसे पर अपने घरों की बच्चियों को स्कूूल भेजे, यहां तो हर जगह हैवान भरे हैं।
वारदात के बाद से पीड़िता के घर व घटनास्थल पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या कोतवाल व अन्य दारोगा सुबह शाम वहां आते हैं।
पीड़िता परिवार के एक बुजुर्ग ने कहा पुलिस उनका साथ दे रही लेकिन टेंट मालिक व उसके पिता की गिरफ्तारी की बात पर कहती है कि सबूत ढूंढ रहे हैं। सबूत मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले एक अन्य बुजुर्ग ने कहा, पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में छोड़ दिया। लखनऊ में मासूम का इलाज करा रहे पिता का भी आरोप है कि पुलिस इन टेंट हाउस के मालिक और उसके पिता को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
पीड़िता के परिवारीजनों के आरोप के बाद भी इन दो आरोपियों को गिरफ्तार न करना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। छह साल की मासूम के साथ इस हैवानियत के खिलाफ अयोध्या के साधु संत समेत आम जनमानस व विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक दलों के नेताओं में रोष है।
होली के बाद से लगातार धरना प्रदर्शन, पैदल मार्च व रोड जाम कर लोग अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। मंगलवार को अयोध्या के मंदिर में उपस्थित संत महंत, समाजसेवियों व महिलाओं ने हाथों में बैनर लेकर विरोध जताया।
इन बैनरों पर आरोपी को फांसी की सजा देने, अयोध्या की निर्भया को न्याय देने की मांग की गई। इन लोगों प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की कि आरोपियों को बचाने में मदद करने वाले लोगों के नाम सामने आने चाहिए, साथ इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन में शामिल समाजसेवी विकास श्रीवास्तव का कहना था कि इस घटना ने अयोध्या को शर्मसार किया है। आरोपियों को बचाने की साजिश कौन रच रहा है, उनके नाम सामने आने चाहिए।
हनुमानकुंड के पार्षद अभय श्रीवास्तव ने शासन प्रशासन से मांग की है कि अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला ले जाकर इन्हें जल्द से जल्द कड़ी सजा सुनाई जाए।
संत अवधराम दास, विशुद्घानंद, सत्यनारायन दास, सूरज शरण, विद्याभूषण व मनीष दास ने कहा कि राम की नगरी में ऐसा अपराध, यह क्षम्य योग्य नहीं है। योगी बाबा को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
यदि आरोपियों को बचाने में किसी पुलिसकर्मी का नाम आता है तो उसे बर्खास्त कर जेल में डाल देना चाहिए। रजनीश, मनीष मिश्र बाबा, अमन शुक्ला का कहना है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पीड़िता के भाई का कहना है कि वारदात में दो लोग शामिल थे। यदि टेंट हाउस के मालिक और उसके पिता को गिरफ्तार किया जाए तो वारदात में शामिल दूसरे आरोपी तक भी पुलिस पहुंच सकती है।
कहा कि योगी सरकार से हमारी मांग है कि लड़की के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार कुछ करे। उसकी पढ़ाई-लिखाई, इलाज आदि की व्यवस्था सरकार सुनिश्चित करे।
कहा कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधि से भी मिले थे उन्होंने कहा था कि आरोपियों के घर बुलडोजर चलेगा, आपको न्याय मिलेगा। लेकिन भाजपा महानगर अध्यक्ष को छोड़कर आज तक भाजपा का कोई बड़ा नेता या जनप्रतिनिधि हमारी सुध लेने नहीं आया।
अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित कृपानिधान तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में दुष्कर्म पीड़िता मासूम के घर जाकर उसके परिवारीजनों से मिलकर हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने विधिक रुप से सहयोग करने के लिए परिषद के पैनल के अधिवक्ता वाईवी मित्र, राजदेव पांडेय से पीड़िता को न्याय दिलाने में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
संरक्षक ने बताया कि परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़िता को न्याय दिलाने के संबंध में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलेगा। प्रतिनिधि मंडल में डॉ. आरडी पांडेय, डॉ. रामतेज पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, दयाशंकर मिश्र आदि शामिल रहे।
भारत की जनवादी नौजवान सभा के प्रदेश महासचिव सत्यभान सिंह जनवादी ने बताया कि बुधवार को सुबह संगठन का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलकर मासूम पीड़िता को न्याय व दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करेगा।
दुष्कर्म की शिकार हुई छह साल की मासूम की पीड़ा से सभी का गुस्सा उबाल पर है। लखनऊ के केजीएमयू में इलाज करा रही मासूम की इस हालत के जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दिलाने के लिए जन आक्रोश अब फूटने लगा है।
सभी की जुबान पर बस यही बात है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों के लिए फांसी से कम कोई भी सजा स्वीकार नहीं होगी। इस मामले में क्षेत्रीय पुलिस की भूमिका पर भी लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।
घटना से जुड़े अन्य आरोपियों को बचाने की कोशिश में जुटे पुलिस कर्मियों को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग क्षेत्र में जोर पकड़ने लगी है।
सभी का कहना है कि आखिर वह कौन लोग है जिनके दबाव में पुलिस असहनीय पीड़ा झेल रही मासूम की दर्द भरी कराह को नजरअंदाज कर आरोपियों को बचाने की कोशिश में जुटी है।
अयोध्या के एक इलाके में छह साल की मासूम के साथ कुछ दरिंदों ने हैवानियत की थी। गंभीर हालत में मासूम का इलाज चल रहा है। इसे लेकर सबसे ज्यादा आक्रोश क्षेत्र की महिलाओं व बिटियों में है।
अयोध्या निवासी गायत्री देवी, प्रीति देवी व चांदनी गुस्से में बोली ऐसा तो राक्षस भी नहीं कर सकता। ऐसे लोगों को समाज में जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। उनका गुस्सा पुलिस पर भी फूटा, कहा ऐसे आरोपी को पकड़ने के समय ही एनकाउंटर कर देना चाहिए।
वहीं, लीलावती, संध्या व आराध्य ने बताया कि मासूम के साथ ऐसी विभीत्सा की खबर पढ़कर आत्मा सुन्न हो गई। उनका कहना है कि इसमें उनका दोष सबसे ज्यादा है जो समाज के ऊपर बदनुमा दाग लगाने वाले आरोपी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
उनका कहना है कि इस घटना में शामिल हर आरोपी को फांसी से कम की सजा उन्हें स्वीकार नहीं है। हाईस्कूल की छात्रा सुगंधा, कक्षा-9 की छात्रा महक का कहना है कि महिलाओं व बच्चियों के साथ अमानवीय जुल्म करने वाले व उनका सहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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