मांगों को लेकर राज्य कर्मियों ने बुधवार को भी आंदोलन जारी रखा। एकत्र कर्मियों ने नारेबाजी की। कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों को नहीं मान रही है। यदि उनकी मांगें न मानी गईं तो कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। हड़ताल प्रतीकात्मक रही, इसका वजह चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन को लेकर अवकाश रहा। सिर्फ जिला अस्पताल में ही आधे घंटे नारेबाजी और प्रदर्शन हुए।
बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। अपनी मांगों के पक्ष में हुंकार भरी। इसमें तमाम कर्मचारी नेता शामिल रहे।
यहां नवी मोहम्मद, सत्य प्रकाश चौधरी, विनोद त्रिपाठी, ज्ञानप्रकाश दूबे, केपी चौधरी, संदीप सिंह आदि शामिल थे। विकास, प्रशासन लोक निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, शिक्षा, सिंचाई सहित अन्य विभागों के कर्मचारी इसमें शामिल रहे।
सदर तहसील सहित अन्य स्थानों पर प्रदर्शन के बाद कर्मचारी यहां एकत्र हुए। प्रदर्शन में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कैशलेस इलाज की सुविधा, केंद्र के समान भत्तों की सुविधा, निगमों में घाटे के लिए कर्मियों के वेतन से कटौती न होने पाए, फील्ड कर्मियों का मोटर साइकिल भत्ता बढ़ाए जाने आदि की मांग की है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार को अब तक कई बार इसके लिए पत्र दिया जा चुका है। आंदोलित कर्मचारी पिछले तीन दिन से आंदोलन कर रहे हैं। रैली निकाल प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद दस सूत्री मांग पत्र कर्मचारियों ने सीएम को संबोधित सिटी मजिस्ट्रेट बीपी पांडेय को सौंपा। प्रदर्शन में ओपी सिंह, महेश तिवारी, दयाशंकर वर्मा, चंद्रभूषण पांडेय. अरविंद सिंह, बृजेश मौर्या, अभय दूबे, गंगाराम, हरीकृष्ण श्रीवास्तव, केके मिश्र, अमरनाथ पांडेय, जय नारायाण तिवारी शामिल थे।
सोहावल प्रतिनिधि के मुताबिक, सूचित्तागंज तहसील सोहावल के समस्त कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले प्रदर्र्शन किया।
सभा की अध्यक्षता साधू शरण यादव उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ सोहावल, संचालन कलाम मेहंदी अमीन संयोजक सोहावल तथा समापन शशिकांत तिवारी अमीन संघ के अध्यक्ष ने किया।
इस मौके पर राम सुरेश लेखपाल, मोहम्मद इरफान, दिनेश कुमार चौरसिया, दीपक गुप्ता, शिव कुमार, सुभाष पांडेय मौजूद रहे।