असेसमेंट को लेकर भी पत्रावलियों की निगहबानी की कवायद शुरू की गई है। विभागीय बैठक में कई मातहत अफसर बड़ों के निशाने पर रहे।
वाणिज्य कर कमिश्नर के निरीक्षण और समीक्षा में छीछालेदर के बाद छोटे अफसरों की भी शामत आ गई। बुधवार को विभाग में समीक्षा बैठक में बड़े अफसरों के लहजे तल्ख रहे।
खासतौर से एसआईबी और सचल दल के साथ असेसमेंट को लेकर नाराजगी ज्यादा रही। कहा गया कि जोन के आठ जिलों मे सचल दलों के साथ उन पर नजर रखने वाली टास्क फोर्स के बावजूद गाड़ियां नहीं पकड़ी जा रही हैं।
जिसके कारण कमिश्नर का तेवर सख्त रहा था। विभाग के अफसरों ने असेसमेंट से जुड़े लोगों की क्लास लगाई। सूत्रों की मानें तो एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन सुरेश उपाध्याय ने एसआईबी व सचल दल से जुड़े अफसरों की बैठक ली।
इसमें मॉनीटरिंग के लिए जिलों के दौरों के साथ अभिलेखों की जांच के लिए कहा गया। बताया गया है कि 23 सितंबर को होने वाली बैठक में एक बार फिर बात सामने आ सकती है।
कमिश्नर के जिलों के औचक निरीक्षण की संभावना ने अफसरों की नींद उड़ा दी है। कमिश्नर ने जॉइंट कमिश्नर एके राय को तीन दिन में यहां की जांच करके रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
इसको लेकर भी हलचल है। बड़े अफसर अब असेसमेंट सहित दूसरी फाइलों को एक-एक करके स्वयं निरीक्षण करने की तैयारी में है।