मामले में चेयरमैन प्रतिनिधि हाफिज गरीब ने निर्माण एजेंसी पर मनमानी का आरोप लगते हुए नुकसान की भरपाई के लिए पत्र भेजने की बात कही है। वहीं, स्थानीय लोगों में नाला निर्माण एजेंसी के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
फैजाबाद-इलाहाबाद हाईवे निर्माण के साथ ही दोनों किनारे पर नाला निर्माण का शासनादेश है। कई स्थानों पर निर्धारित मानक के अनुरूप नाले का निर्माण किया गया लेकिन कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां निर्माण एजेंसी ने मानकों को ताख पर रख दिया। बीकापुर नगर में भी नाला निर्माण के लिए चिन्हांकन किया गया था। जिसकी जद में नगर पंचायत से निर्मित यात्री शेड भी आ गया। जो नाला निर्माण की वजह से ध्वस्त कर दिया गया। यात्री शेड समाप्त होने से लोगों में आक्रोश है।
नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि का कहना है कि नाला निर्माण से हुए नुकसान के लिए विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। इसके अलावा अधिवक्ता सीपी पांडेय और केके मिश्र ने प्रकरण को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है। अधिवक्ताओं ने कहा कि निर्माण एजेंसी के मनमाने रुख से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।