वनराज्य मंत्री तेजनारायन पांडेय पवन ने कहा कि जिस नेता के हम सिपाही है, हमेशा आप के मान-सम्मान और वजूद की लड़ाई लड़ी है। कहीं भी मुस्लिम दुखी हुआ है तो वहां जाकर उनका बाजू बनने का काम किया है। बीजेपी, आरएसएस और भाजपा सांप्रदायिक ताकते हैं, उनकों यहां सफल नहीं होने देंगे।
यौमे गम कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के पैरोकार हाजी महबूब, सपा जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय, सूर्यकांत पांडेय, कैसर अंसारी, हाजी असद अहमद, मौलाना जलाल अशरफ, हाजी असलम, जमाल अहमद, सिद्धार्थ सिंह, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद हकीम, मौलाना बादशाह खान, खालिक अहमद आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से जफरयाब जिलानी ने कहा कि कोई भी सरकार सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना नहीं कर सकती है। भागवत साहब मोदी के करीबी है तो उनसे शीघ्र सुनवाई की बात करें। यह सब सिर्फ 2017 की तैयारी है। सुलह समझौते के प्रयास किए जा चुके है जो अब संभव नहीं है।
विश्व हिंदू परिषद चुनाव के कारण हिंदू और मुस्लिम के बीच तनाव पैदा करना चाह रही है। 30 अक्टूबर 2015 को बाबरी मस्जिद मामले में आखिरी पेशी हुई थी। कोर्ट ने वकीलों से अंग्रेजी में दस्तावेज मांगा है।