अयोध्या। उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर यूपी बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के ऑनलाइन पंजीकरण में खेल का मामला सामने आया है। इसमें सामान्य श्रेणी के इंटर के सात विद्यार्थियों का पंजीकरण दिव्यांग श्रेणी में कर दिया गया। इसकी वजह से इन विद्यार्थियों का केंद्र निर्धारण स्वकेंद्र हो गया। केंद्रों की अंतिम सूची जारी होने के बाद विद्यालय प्रशासन को इसकी सुधि आई।
उसने बोर्ड को पत्र लिखकर स्वकेंद्र बदलने की मांग की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब यह सभी विद्यार्थी अपने ही स्कूल के केंद्र पर परीक्षा दे रहे हैं। मामला शहर के एसएसएसवी इंटर कॉलेज से जुड़ा है। ये खेल जानकर हुआ या गलती से, ये जांच में ही स्पष्ट होगा।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए विद्यार्थियों का संपूर्ण विवरण परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन कराया जाता है। इसके बाद जियो लोकेशन आदि के आधार पर ऑनलाइन केंद्र निर्धारण होता है। मानकों के अनुसार, नजदीक के केंद्र पर विद्यार्थियों का केंद्र निर्धारण होता है। यह प्रक्रिया अंतिम रूप से नौ जनवरी तक बोर्ड की ओर से पूरी हो गई थी।
इनमें शहर के एसएसवी इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों को दूसरे केंद्र पर भेजा गया, लेकिन इंटर के सात विद्यार्थियों को किसी केंद्र पर नहीं भेजा गया। इसकी वजह रही कि इन विद्यार्थियों के वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण के समय उन्हेंं दिव्यांग दिखाया गया। नियमों के अनुसार, दिव्यांगजनों को परीक्षा के लिए दूसरे केंद्र नहीं भेजा जाता है। इसका फायदा इन छात्रों को मिल गया और सभी छात्र की परीक्षा स्वकेंद्र घोषित हो गई।
विद्यालय प्रबंधन को भी यह बात पता नहीं चली और काफी विलंब से 16 जनवरी को प्रधानाचार्य ने बोर्ड के सचिव को पत्र लिखकर स्वकेंद्र बदलने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में सभी छात्र स्वकेंद्र प्रणाली के तहत परीक्षा दे रहे हैं।
सभी ने स्वयं के स्वस्थ होने का दिया प्रमाण पत्र
16 जनवरी को बोर्ड को दिए गए पत्र में इन सभी विद्यार्थियों के दिव्यांग न होने का प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग से बनवाकर बोर्ड को भेजा गया। इसके बावजूद इसमें कोई संशोधन नहीं हुआ और सभी अपने ही विद्यालय में पेपर दे रहे हैं।
हाईस्कूल में जो विवरण छात्र का दर्ज होता है वही इंटरमीडिएट में भी दर्ज हो जाता है। किसी स्तर पर त्रुटि की वजह से ऐसा हुआ है। डीआईओएस से लेकर बोर्ड तक सभी को अवगत कराया गया। छात्रों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तक उपलब्ध कराया गया, लेकिन संशोधन न होने के कारण उच्चाधिकारियों की अनुमति से इसी केंद्र पर परीक्षा कराई जा रही है।
-डॉ. मणिशंकर तिवारी, प्रधानाचार्य एसएसवी इंटर कॉलेज
विद्यालय ने त्रुटिवश ऐसा होना बताया है, लेकिन एक साथ इतने विद्यार्थियों का विवरण कैसे गलत दर्ज हो गया, यह चिंतनीय है। कमेटी बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में पता चलेगा कि ये जानकर हुआ या गलती से हुआ। दोषी मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई भी की जाएगी।-राजेंद्र कुमार पांडेय, डीआईओएस