अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर निर्माण के लिए ग्राउंड इंप्रूवमेंट का कार्य जोरों पर चल रहा है। इसके तहत राममंदिर की नींव के लिए खोदे गए करीब 50 फीट गहरे गड्ढे को लेयर डालकर भरा जा रहा है। कुल 44 लेयर में राममंदिर की नींव भरी जाएगी। इसके बाद राममंदिर की प्लींथ (फाउंडेशन) बनेगी जिसके लिए कार्यदायी संस्था एलएंडटी ने मिर्जापुर के पत्थरों की आपूर्ति शुरू कर दी है।
शनिवार को मिर्जापुर के सैंड स्टोन की दूसरी खेप अयोध्या पहुंची। इसमें पत्थरों की 19 शिलाएं आई हैं। राममंदिर के फाउंडेशन का निर्माण मिर्जापुर के बलुआ पत्थरों से किया जाएगा जिसके लिए तीन लाख पत्थरों की आपूर्ति होनी है।
आपूर्ति के क्रम में ही 8 जुलाई को पत्थरों की पहली खेप अयोध्या पहुंची थी। पहली खेप में कुल 30 पत्थर आए थे जबकी दूसरी खेप में कुल 19 पत्थर आये हैं। पहले चरण में 19 हजार पत्थरों की आपूर्ति की जाएगी। नींव के पत्थरों के लिए मिर्जापुर में कार्यशाला शुरू की गई है।
मिर्जापुर के विंध्यवासिनी धाम व चुनार की पहाड़ियों से काटकर कर ये पत्थर तैयार किए जा रहे हैं। एक पत्थर चार फीट लंबा, दो फीट चौड़ा व दो फीट ऊंचा है। जैसे-जैसे कार्यशाला में पत्थर तैयार होते जाएंगे, उनकी आपूर्ति अयोध्या के लिए होती जाएगी। बताया गया कि मिर्जापुर के जो पत्थर आ रहे हैं, उन्हें एक निश्चित आकार दिया गया है। जब नींव का निर्माण शुरू होगा तो केवल उन्हें उसी आकार में ढालना होगा।