अयोध्या। रामनगरी में सावन मेले का शुभारंभ हो चुुका है। श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ने लगी है। वहीं झूलनोत्सव का शुभारंभ 19 अगस्त को मणिपर्वत मेले के साथ होगा। इधर पुरातत्व विभाग ने मणिपर्वत का सुंदरीकरण कार्य भी प्रारंभ करा दिया है। मणि-पर्वत के रंग-रोगन के साथ ही सीढि़यां दुरूस्त कराई जा रही हैंं। जर्जर हिस्सों की भी मरम्मत कराया जाना है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की ओर मणिपर्वत को संरक्षित स्मारक घोषित कर रखा गया है। एएसआई के सहायक संरक्षण अधिकारी पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि सावन झूला मेला को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर मणिपर्वत का सुदंरीकरण व जीर्णोंद्धार कार्य कराया जा रहा है। सीढ़यां व रैंप पिछले साल बने थे। इस बार उनकी दुरूस्त कर उनकी साफ-सफाई कराई जाएगी। सीढि़यों पर जमी काई को साफ करने में मजदूर जुट गए हैं। मणि पर्वत के निकास मार्ग की दीवारें जगह-जगह जर्जर हो गयीं थी उन्हें भी दुरूस्त कराया जाएगा। बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
मणिपर्वत से ही होती झूलनोत्सव की शुरूआत
रामनगरी में झूलनोत्सव की परंपरा त्रेतायुगीन है। हर साल इस परपंरा का निवर्हन पूरे वैभव के साथ किया जाता है। सावन मास में एक पखवारे तक चलने वाले झूलनोत्सव का श्रीगणेश मणिपर्वत पर मेले के साथ होता है। सावन शुक्ल तृतीया से शुरू होने वाले मेला की तिथि अधिक मास के कारण इस बार 19 अगस्त को पड़ रही है। इस दिन कनकभवन, दशरथ महल, रंगमहल, मणिरामदास की छावनी सहित रामनगरी के अन्य प्रतिष्ठित मंदिरों से भगवान के विग्रह को रथ पर विराजमान कर यहां लाकर झूला झुलाया जाता है। इसी दिन से रामनगरी के मंदिरों में झूलनोत्सव की छटा बिखरने लगती है।