सोहावल (अयोध्या)। अयोध्या-लखनऊ रेलमार्ग पर सोहावल-देवराकोट रेलवे स्टेशन के पास स्थित लखौरी गांव के समीप मंगलवार सुबह गोरखपुर से लखनऊ जा रही वंदे भारत ट्रेन पर पथराव किया गया। इसमें वीवीआईपी ट्रेन की दो बोगियों की चार खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।
घटना की सूचना में जांच में जुटी आरपीएफ, जीआरपी व रौनाही थाना पुलिस ने तीन घंटे के अंदर ही आरोपी पिता व उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया कि नौ जुलाई को आरोपी की सात बकरियों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। इसी से वे नाराज थे। वंदे भारत ट्रेन में सुरक्षा में तैनात आरपीएफ के जवानों ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे अयोध्या कैंट आरपीएफ थाना को सोहावल-देवराकोट के बीच ट्रेन पर पथराव करने की सूचना दी। सूचना पर आरपीएफ के निरीक्षक एसके सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी एसपी शुक्ला व रौनाही थाना प्रभारी ओपी राय दल बल के साथ पहुंचे व घटना की जांच शुरू की। ट्रेन की स्पीड तेज होने के कारण सही घटनास्थल का पता नहीं चल पा रहा था। वहीं, दोपहर करीब 12 बजे वाराणसी आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट नागेंद्र महादेव अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंच गए। स्थानीय पुलिस ने जब अपने नेटवर्क को सक्रिय किया तो घटना के कारण व आरोपी के बारे में पता चल गया।
एसएसपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि बीर भानपुर लखौरी निवासी नून्नू पासवान की सात बकरियों की गत नौ जुलाई की शाम को अयोध्या कैंट-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। इससे वह नाराज था। बदले की भावना से नुकसान पहुंचाने के लिए मंगलवार सुबह नून्नू ने अपने बेटे अजय व विजय के साथ रेल ट्रैक के पास पहुंचकर सुबह करीब नौ बजे गोरखपुर से लखनऊ जा रही वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की। इससे दो बोगियों के चार शीशे क्षतिग्रस्त हुए हैं। तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।
आरपीएफ के निरीक्षक एसके सिंह ने बताया कि घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ है। साथ ही ट्रेन भी सीधे अपने गंतव्य लखनऊ जाकर ही रुकी। आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस के अधिकारी मंगलवार देर शाम तक रौनाही थाने में डेरा डाले हुए थे। सभी टीमों ने आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ भी की। मामले में केस रेलवे पुलिस दर्ज करे या रौनाही थाना पुलिस, इसको भी लेकर मंथन चल रहा था।