अयोध्या। सपा नेता अखिलेश यादव उर्फ टक्कू हत्याकांड में मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान मौजूद सपा नेताओं व परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी।
मौके पर पहुंचे एडीएम व एसपीआरए तत्काल गिरफ्तारी, सुरक्षा व मुआवजा का आश्वासन देकर पौने तीन घंटे बाद जाम खुलवाया। अयोध्या-आजमगढ़ व मया-टांडा मार्ग पर इस दौरान सैकड़ों वाहनों की कतारें लग गईं।
सोमवार रात सपा नेता व लोहिया वाहिनी के गोसाईगंज विधानसभा अध्यक्ष अखिलेश यादव उर्फ टक्कू के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचे परिजनों, सपा नेताओं व ग्रामीणों ने दोपहर करीब दो बजे मया बाजार में जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारियों में सैकड़ों महिलाएं भी मौजूद रहीं। इस दौरान अयोध्या-आजमगढ़ व मया-टांडा मार्ग पूरी तरह जाम रहा। आक्रोशित परिजनों के साथ सपा नेता मृतक के परिवार को सुरक्षा, छोटे भाई को सरकारी नौकरी, एक करोड़ का मुआवजा व हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
जाम की सूचना पर एडीएम (वित्त-राजस्व) गोरेलाल शुक्ल, सीओ सदर वीरेंद्र विक्रम, सीओ सिटी अरविंद चौरसिया कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे।
घंटों मान मनौव्वल के बाद शाम करीब पौने पांच बजे आक्रोशित लोग माने और जाम खत्म किया। प्रदर्शन में पूर्व राज्यमंत्री तेज नारायण पांडे पवन व आनंद सेन यादव, पूर्व विधायक अभय सिंह, जिला अध्यक्ष गंगा यादव, इंद्रपाल यादव, राम रंग यादव, सियाराम यादव सहित अन्य शामिल रहे।
सपा नेता टक्कू पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर से चार गोली बरामद हुई है। तीन सिर में व एक सीने व पेट के बीच। इसे पुलिस पेशेवर हत्यारे की करतूत मान रही है।
हत्या के पीछे बस संचालन का विवाद सामने आया है। मामले में पुलिस ने मृतक के मामा राम सागर यादव की तहरीर पर आदित्य सिंह, अभिषेक सिंह व दो अन्य अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया है। घटना के बाद से हत्यारोपी फरार है, उनके घर पर ताला लटक रहा है। मृतक व हत्यारोपियों के घर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
थाना क्षेत्र के छतरा गांव निवासी मृतक अखिलेश यादव व थाना क्षेत्र के ही सेमरिया निवासी अभिषेक के बीच बस संचालन को लेकर रंजिश चल रही थी, इसको लेकर लगभग एक वर्ष पूर्व दोनों में मारपीट भी हुई थी।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक स्वयं की बस चलवाता था जबकि अखिलेश अपने एक साथी की बस संचालन में मदद करता था। इसी को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था।
सोमवार शाम करीब 7 बजे कनकपुर गांव स्थित रॉयल फिटनेस जिम से व्यायाम करने के बाद अखिलेश जब वहां से निकला तो बुलेट पर सवार आदित्य सिंह निवासी कनकपुर व अभिषेक सिंह ने पीछा कर उसे रोका।
इस दौरान दोनों में बहस व गाली-गलौज भी हुई। बहस होने के बाद आदित्य सिंह ने अखिलेश यादव को गोली मार दी। मंगलवार सुबह एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम सदर अर्पित गुप्ता, सीओ सदर वीरेंद्र विक्रम थाने की पुलिस के साथ मृतक व आरोपियों के गांव पहुंचकर जांच पड़ताल की है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं। इसमें कुछ संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले में कुछ इनपुट मिले हैं, जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। मृतक व आरोपियों के घर पर ऐहितयातन पुलिस बल तैनात किया गया है।