अयोध्या। प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम का उद्देश्य शासन, प्रशासन तंत्र की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही बढ़ाना और कार्यों में पारदर्शिता लाना है।
इससे शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। जावेद उस्मानी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अयोध्या मंडल और जिले के जनसूचना अधिकारियों व अपीलीय अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला से पहले कमिश्नर मनोज मिश्र ने मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी और सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती का स्वागत किया।
कार्यशाला और सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में जावेद उस्मानी ने कहा कि सूचना के अधिकार ने शासन, प्रशासन तंत्र और आम जनता के बीच शक्ति संतुलन का काम किया है।
इस अधिनियम ने आम जनता को सशक्त किया है, इस दृष्टिकोण से ये अधिनियम एक क्रांतिकारी अधिनियम है। कहा कि सुशासन की स्थापना तब तक नहीं होती, जब तक शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही न हो और भ्रष्टाचार पर अंकुश न हो।
इस दृष्टिकोण से सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 देश व प्रदेश में सुशासन की स्थापना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अफसरों से कहा कि बतौर जन सूचना अधिकारी आपका प्रथम एवं प्रमुख दायित्व सूचना देना है।
जनसूचना अधिकारी केवल और केवल विधिक आधार से सूचना देने से मना कर सकते हैं। उन्होंने अफसरों से कहा कि सूचना देने में बहाना न करें। कहा कि इसमें दो राय नहीं है कि इस अधिनियम से यथास्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है।
2005 से पहले किसी आम आदमी की कल्पना से परे था कि वह किसी सरकारी दफ्तर में जाए और अधिकार के साथ कहे कि मुझे फलां फाइल फला पेज की सूचना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जुर्माना लगाने के बाद भी सूचना न देने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है।
बताया कि ये प्रशिक्षण कार्यक्रम जनवरी 2016 से प्रदेश में चल रहा है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी दफ्तरों में लगभग 20 हजार जन सूचना अधिकारी और लगभग सात हजार प्रथम अपीलीय अधिकारी कार्यरत हैं। ये वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम है। प्रशिक्षण का ये तीसरा चक्र चल रहा है।
कमिश्नर मनोज मिश्र ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सूचना के अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में गुणात्मक सुधार होगा। डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि जो आदेश/निर्देश प्राप्त हुए हैं उनका पालन कराने के लिए पहल करेंगे।
इस अवसर पर मंडल एवं जनपद के वरिष्ठ अधिकारी, मंडल एवं जनपद स्तर के कार्यालयाध्यक्ष और अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।