अयोध्या। राममंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद अब अयोध्या के विकास को पंख लगने की उम्मीद भी प्रबल हो गई हैं। शासन-प्रशासन भी अयोध्या को विकसित करने के लिए कई योजनाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी में हैं। फैसले के बाद अब नव्य अयोध्या के मास्टर प्लान पर मंथन पर हो रहा है। अयोध्या नगर निगम भी अपनी योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार कर रहा है।
अयोध्या नगर निगम के द्वारा अयोध्या शहर को अंतरराष्ट्रीय रूप देने की कवायद शुरू हो चुकी है। कुछ योजनाओं पर काम चल रहा है तो कुछ योजनाएं ऐसी हैं तो कुछ ही वर्षों में मूर्त रूप ले लेंगी जिनसे अयोध्या अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती नजर आएगी जिसमें बेहतरीन बागवानी के साथ सड़कों का निर्माण, 5 हजार से ज्यादा घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाना, बिजली की लाइटिंग व 7 सौ करोड़ लागत की सीवर योजना शामिल हैं।
अमृत योजना व मास्टर प्लान के मुताबिक भी कई योजनाएं तैयार की जाएंगी। अयोध्या व फैजाबाद जुड़वा शहरों के लिए सीवर की समस्या सबसे बड़ी है। जिसके चलते नगर की साफ.सफाई में दिक्कतें आ रही हैं। बरसात में नगर को जगह-जगह जलभराव के संकट से गुजरना पड़ता है। इससे निजात पाने के लिए 700 करोड़ की सीवर लाइन परियोजना को जल्द शुरू करने की तैयारी है। डीपीआर तैयार है। परियोजना को स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक पर पहली सडक़ का प्रोेजेक्ट उदया चौराहे से नयाघाट के लिए तैयार कर शासन के पास भेजा जा रहा है। इस सड़क के साथ खूबसूरत बागवानी भी रहेगी। नामी आर्किटेक्ट इसके निर्माण में काम करेंगे।
अयोध्या में गौ वंशों के लिए विशाल मॉडल गौशाला बनाई जाएगी। 107 बीघा जमीन में यह गौशाला होगी, बैसिंग में इसके लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है। 8.52 करोड़ से बनने वाली यह गौशाला आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। गौशाला में 1500 जानवरों के रहने की क्षमता होगी।
अयोध्या में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं अब रहने के लिए नगर निगम रैनबसेरा बनवाने जा रहा है। जिसकी क्षमता 10 हजार की होगी। इसके लिए सरयू तट के आसपास जमीन की तलाश की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि अगले दो वर्ष में यह रैन बसेरा बनकर तैयार हो जाएगा। जिससे मेलों में अयोध्या में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी।
अयोध्या को स्मार्ट सिटी घोषित किया जा चुका है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट के तहत यातायात के साथ कानून व्यवस्था में भी सुधार होगा। शहर के सारे चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नगर निगम सीमा के सभी प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण हेतु अत्याधुनिक उपकरणों, ट्रैफिक लाइट एवं सोलर ब्लिकर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र का सैटेलाइट जीआईएस सर्वे तथा विकास योजनाओं के लिए डेटाबेस तैयार करने का काम भी शुरू होने को है। स्मार्ट रोड की भी तैयारी है।
अयोध्या नगर निगम के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि बंदरों के आतंक से मुक्ति व उनके संरक्षण के लिए भी अभयारण्य बनाने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए बड़े क्षेत्र की जमीन की जरूरत पड़ेगी। जिसमें बंदरों के स्वतंत्र रूप से विचरण के साथ उनके खाने-पीने की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल अस्थाई तौर पर बंदरों को एक स्थान पर एकत्र कर भोजन व रहने के लिए प्लेटफॉर्म व शेड तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है। जिससे नगर को बंदर मुक्त किया जा सके।
महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि अयोध्या फैसले के बाद रामनगरी के विकास की योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। राममंदिर बनने के साथ-साथ अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किये जाने की योजना शासन की प्राथमिकता में है। नगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करते हुए नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराया जाना है। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें यही हमारा लक्ष्य है।