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रामनगरी पहुंच 32 महापौर हुए अभिभूत

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अयोध्या-हनुमानगढ़ी का दर्शन कर बाहर आते सभी आए हुए महापौर ने किया जय श्रीराम का जयघोष - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। काशी में बाबा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को देखने के बाद 12 राज्यों के 32 महापौर अयोध्या धाम पहुंच अभिभूत दिखे। काशी में हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अयोध्या आध्यात्मिक नगरी होने के साथ जल्द अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित नगरी बनेगी।
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कहा कि राममंदिर और अयोध्या अनादि काल से हमारी आस्था का केंद्र रहा है। अयोध्या को देखना और राममंदिर के दर्शन करना सौभाग्य का विषय है। अयोध्या आदि काल से अनंत विचारधाराओं को जन्म देती रही है। उन्हीं में हमारे भगवान मर्यादा पुरोषत्तम श्रीराम हैं।
हम उनके मर्यादा के गुणों को उनके दर्शन कर सीखना चाहते हैं। महापौरों ने यह भी कहा कि हमारी कोशिश है कि भगवान राम ने जिस प्रकार अपनी प्रजा का मान रखकर रामराज का आदर्श समाज के समक्ष प्रस्तुत किया, उसी प्रकार हम महापौर भी भगवान राम के गुणों को सीखते हुए अपने क्षेत्र में मर्यादा के मापदंड को पूरा करेंगे।
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राममंदिर बनने से अपार हर्ष
अयोध्या हमारे लिए आस्था का केंद्र रही है। इसके लिए हम काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं। अब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा है। यह हमारे लिए अपार हर्ष का विषय है। हमें यकीन है कि काशी कॉरिडोर की तरह यहां भी जल्द ही आध्यात्म के साथ आधुनिकता की झलक दिखाई देगी।
- चंद्र मोहन गुप्ता, महापौर जम्मू
20 वर्ष में बदल गई अयोध्या
अयोध्या में 20 वर्ष पहले आना हुआ था। जब हम आए थे, भगवान राम टेंट में विराजमान थे। यह हमारी आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा था लेकिन आज जब अयोध्या आए हैं तो भगवान राम का मंदिर बन रहा है। पूरे देश में उत्साह का माहौल है। हम भी राममंदिर को देखकर उत्साहित हैं।
- बीरेश, महापौर द्रावण सिटी बंग्लुरु
पुुरातात्विक के साथ अध्यात्म का केंद्र
अयोध्या वेदों, पुराणों में कभी न नष्ट होने वाली नगरी है। यह हमारे शहर की तरह पुरातात्विक नगरी है। अयोध्या अध्यात्म का सबसे बड़ा केंद्र है। हम खुद को इस नगरी में आकर अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वर्षों से हमारी इच्छा थी कि राममंदिर का दर्शन कर सकें आज मनोकामना पूर्ण हो रही है। इसके चलते अपार हर्ष है।
- कीर्ति वेन हितेशभाई, महापौर मैसूर, कर्नाटक
राममंदिर देख हुए धन्य
अयोध्या में बन रहे राममंदिर को देखने का सपना हर हिंदू समाज के लोग रखते हैं। हमारी भी वर्षों से अभिलाषा थी कि राममंदिर को विशेषकर भगवान श्रीराम के जन्म स्थान को देखा जाए। आज अभिलाषा पूरी हुई है। हम मर्यादा की धरती अयोध्या को देखकर अभिभूत हैं। यह हमारे लिए गौरव का पल है।
- मधु आजाद, महापौर गुरुग्राम, हरियाणा
भगवान राम के आदर्शों पर चलने का संकल्प
अयोध्या हमारी आस्था का केंद्र है। यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। हम भगवान राम के आदर्शों व उनके मर्यादा स्वरूप से सीख लेकर अयोध्या से जाएंगे। रामराज की परिकल्पना के अनुरूप अपने नगर निगम को चलाने का संकल्प भी हमारा है।
- गौतम सरदाना, महापौर हिसार, हरियाणा
मंदिर देखना हमारे लिए गौरवपूर्ण
अयोध्या में राममंदिर की कल्पना हम पिछले कई वर्षों से सजाए हैं। इसमें हमारी बीस से अधिक पीढ़िया गुजर गईं। अब जाकर रामंदिर का निर्माण हो रहा है। यह हमारी आस्था का प्रतीक हैं। हम इसके दर्शन कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
- शील धमाई, महापौर जयपुर, राजस्थान
वाराणसी की तरह अयोध्या में होगा विकास
अयोध्या में रामंदिर निर्माण के साथ विकास की गंगा बहेगी। हम लोग काशी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर देखकर आए हैं। काशी बिल्कुल से बदल गई है अब अयोध्या की बारी है। हमें पूरा भरोसा है कि अयोध्या पूरे विश्व में विकास का मॉडल बनेगी।
सविता देवी, महापौर पुरनिया, बिहार
सात पुरियों में श्रेष्ट अयोध्या
अयोध्या सात पुरियों में श्रेष्ट है। यह वेद, पुराणों से साबित है। यहां बह रही सरयू में भगवान राम साक्षात विराजमान है। यहां की भूमि का कण-कण पूजनीय है। ऐसी धर्म और अध्यात्म की नगरी में मेरा आना सौभाग्यपूर्ण है। राममंदिर का दर्शन कर गौरव की अनुभूति होती है।
- ओंकार नहरिया, महापौर कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
बदल रही है अयोध्या
अयोध्या पहले भी आना हुआ था। अयोध्या में बदलाव की बयार है। हमने अयोध्या वासियों से बातचीत की है। हमारी तरह सब मानते हैं कि अयोध्या बदल रही है। सभी को विश्वास है कि अयोध्या के पुरातन संस्कृति को जीवित रख नए व आधुनिक विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा।
- प्रेमानंद, महापौर मंगलौर, कर्नाटक
12 राज्यों के महापौरों का स्वागत
अयोध्या। आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों के अयोध्या दर्शन के बाद देश के विभिन्न प्रांतों के महापौरों ने परिवार सहित शनिवार को अयोध्या में दर्शन पूजन किया। काशी में आयोजित महापौरों के सम्मेलन के बाद वे सभी अयोध्या आए। कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, जम्मू, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा, मणिपुर व आंध्र प्रदेश से आए महापौरों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया।
रामलला, हनुमान गढ़ी तथा सरयू दर्शन के बाद एक निजी होटल में नगर निगम अयोध्या की ओर से सम्मान व स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। स्वागत समारोह में अयोध्या महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का सर्वांगीण विकास हो रहा है।
प्रधानमंत्री के अयोध्या में भव्य राममंदिर के शिलान्यास के बाद अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पर्यटकों के आगमन से अयोध्या में रोजगार तथा व्यापार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
महापौरों में कर्नाटक के मैसूर की सुनंदा नेथरा, देवनगरे के एसटी वीरेश, तुमकुर की बीजी कृष्णनप्पा, मैगलोर के प्रेमानंद शेट्टी, बिहार के पूर्णिया की सविता देवी, यूपी अमरोहा के शशि जैन, जम्मू के जम्मूसिटी की सीएम गुप्ता, हरियाणा हिसार के गौतम सरदाना, पंचकुला के कुलभूषण, गुरुग्राम की मधु आजाद, गुजरात के बीनाबेन ए कोठारी, कीर्तिबेन हितेशभाई, राजस्थान के जयपुर से शील धमाई, तेलंगाना से प्रजाता, हैदराबाद से बूची रेड्डी, बिनीत रेड्डी सहित अन्य महापौर शामिल रहे।
इससे पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने आए हुए महापौरों को स्मृति चिह्न, रामनामी व रामलला का प्रसाद देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन नगर निगम के अपर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह व शशि भूषण राय ने किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता व नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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