विवादित परिसर के मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला को गर्म कपड़े न पहनाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। परिसर के रिसीवर व कमिश्नर एसपी मिश्र ने मंगलवार को इसके लिए पुजारी को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पुजारी आचार्य सतेंद्रदास का कहना है कि गर्म कपड़े, हीटर आदि के लिए रिसीवर की अनुमति जरूरी है।
हाल में एएसआई, पर्यवेक्षक व पक्षकारों की ओर से मौका मुआयना के दौैरान भी रामलला को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का मामला उठा था। प्रभारी रिसीवर के रूप में डीएम ने इसके इंतजाम के लिए पुजारी को निर्देशित किया था।
अब मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास का कहना है कि एक रजाई रामलला को ओढ़ाते हैं, जो दो साल पुरानी है, जबकि बाकी मंदिरों में गर्म कपड़े, हीटर आदि की भी सुविधाएं हैं।
यहां चैत्र रामनवमी को एक वस्त्र बना था, जो सर्द मौसम के लिए नहीं है। नई व्यवस्था के लिए अनुमति जरूरी है। इसके लिए रिसीवर को पत्र भेजा गया है।
वहीं कमिश्नर एसपी मिश्र का कहना है कि यह सब पुजारी की ओर से मीडिया में बने रहने का एजेंडा है। पिछले निरीक्षण में मेरे अवकाश पर एक पत्र डीएम को पुजारी ने दिया है, इसके बाद निर्देश दे दिया गया था कि गर्म कपड़े मंगवा लें।
हर साल 6 से 7 हजार रुपये रामलला के कपड़ों आदि के लिए पुजारी को दिए जाते हैं, इससे 6-8 जोड़ी कपड़े हर मौसम के अनुरूप बनने चाहिए। रजाई पुरानी है तो नई खरीदने की जिम्मेदारी भी पुजारी की है। उन्हें साल के आखिर में हिसाब देना होता है।